
बच्चों के लिए कब तक आएगी कोरोना की वैक्सीन? जानिए कहां-कहां चल रहा ट्रायल
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कोरोना महामारी की दूसरी-तीसरी लहर के बीच दुनियाभर में वैक्सीनेशन तेज हो रहा है लेकिन लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल ये है कि बच्चों के लिए कोरोना की वैक्सीन कब तक आएगी? मॉडर्ना का ट्रायल शुरू होने से नई उम्मीद जगी है
कोरोना महामारी दुनियाभर में वापसी कर रही है. भारत हो, यूरोप के देश हों या अमेरिका या दुनिया का कोई और हिस्सा हर जगह संक्रमण तेज हो रहा है. फ्रांस में जहां एक्सपर्ट इसे कोरोना की तीसरी लहर मान रहे हैं तो भारत में महाराष्ट्र में इसे कोरोना की दूसरी लहर बताया जा रहा है. कोरोना महामारी की दूसरी-तीसरी लहर के बीच दुनियाभर में वैक्सीनेशन अभियान तेज हो रहा है लेकिन लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल ये है कि बच्चों के लिए कोरोना की वैक्सीन कब तक आएगी? अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना द्वारा बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन के इसी हफ्ते ट्रायल शुरू करने से लोगों में नई उम्मीद जगी है. मॉर्डना का ट्रायल क्यों अहम? इसी हफ्ते मॉर्डना ने अमेरिका में बच्चों पर कोरोना वैक्सीन का ट्रायल शुरू किया. इसे KidCOVE अभियान नाम दिया गया है. इस अभियान के तहत अमेरिका और कनाडा में 6 महीने से 11 साल तक के 6750 बच्चों को ट्रायल के लिए रजिस्टर्ड किया गया है. मॉडर्ना की mRNA-1273 वैक्सीन के इस ट्रायल में इस बात का पता लगाया जा रहा है कि क्या कोरोना वायरस के संपर्क में आने पर वैक्सीन बच्चों में उससे सुरक्षा करने की क्षमता विकसित कर पाता है? ये ट्रायल अमेरिका के नेशनल एलर्जी और इंफेक्सियस डिजीज इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर किया जा रहा है.
यूरोप में कुछ बेहद तेजी से दरक रहा है. ये यूरोपीय संघ और अमेरिका का रिश्ता है, जिसकी मिसालें दी जाती थीं. छोटा‑मोटा झगड़ा पहले से था, लेकिन ग्रीनलैंड ने इसे बड़ा कर दिया. डोनाल्ड ट्रंप लगातार दोहरा रहे हैं कि उन्हें हर हाल में ग्रीनलैंड चाहिए. यूरोप अड़ा हुआ है कि अमेरिका ही विस्तारवादी हो जाए तो किसकी मिसालें दी जाएंगी.

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