
बंगालः 'गोत्र' कार्ड पर बोले ओवैसी- ममता और मोदी एक जैसे
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असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर ममता के साथ ही कांग्रेस और बीजेपी को भी घेरा था. ओवैसी ने लिखा, जो लोग शांडिल्य या जनेऊधारी नहीं हैं, किसी भगवान के भक्त नहीं हैं या फिर कोई पाठ या चालीसा नहीं करते हैं उनका क्या? हर पार्टी को लगता है कि उसे जीतने के लिए खुद को हिन्दू दिखाना जरूरी है. ये नियमों के खिलाफ है, अपमानजनक है और सफल होने वाला नहीं है.
पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम की लड़ाई सीएम और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के लिए चुनौती है. फिलहाल, ममता बनर्जी के चुनावी रण में गोत्र कार्ड खेलने पर सियासी वार शुरू हो गया है. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि ममता बनर्जी अपने को अपर कास्ट ब्राह्मण बताया जिनका गोत्र शांडिल्य है. वो ये बताएं कि मुस्लिम और दलित वर्ण व्यवस्था के हिस्सा नहीं हैं, पश्चिम बंगाल के मुस्लिम और दलित कहां जाएं? In @MamataOfficial’s world everyone who’s gotra-less is stooge. How dare we think for ourselves?! She called RSS deshpremis & begged them for 1% support to change Bengal. She voted for BJP in 2002 in Lok Sabha when every decent human condemned Gujarat pogrom.Who’s the stooge? 1/2 https://t.co/zoeQfOHiTs असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, 'यदि वह (ममता बनर्जी) अपने चुनावी अभियान के दौरान पाठ करती रहती हैं. उनके बयान पर मेरा कहना है कि वह यह कहती हैं कि वो अपरकास्ट ब्राह्मण हैं और उनका गोत्र शांडिल्य है तो मेरा सवाल है कि पश्चिम बंगाल के मुस्लिम और दलित कहां जाएं? मुस्लिम 27 फीसदी जबकि दलित 22 प्रतिशत हैं और वे वर्ण व्यवस्था के हिस्सा नहीं हैं. यही वजह है कि मैं उनके बयान की आलोचना कर रहा हूं. वह भी सांप्रदायिकता की राजनीति कर रही हैं. ममता और मोदी एक दूसरे के लिए बने हुए हैं.'
जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

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