
फ्रांस के एयरपोर्ट पर 2 दिन से फंसे हैं कई भारतीय, जानें अब कैसा है उनका हाल?
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लीजेंड एयरलाइंस के विमान को गुरुवार को वेट्री एयरपोर्ट पर रोक लिया गया था. अधिकारियों ने बताया कि इस विमान से मानव तस्करी के पीड़ितों को ले जाए जाने की सूचना मिली थी.
फ्रांस के वेट्री एयरपोर्ट पर मानव तस्करी की आशंका में रोके गए लीजेंड एयरलाइंस के विमान को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक, विमान में सवार 303 यात्रियों में से छह नाबालिगों समेत 10 भारतीयों ने फ्रांस में शरण के लिए आवेदन किया है. बता दें कि इस विमान में सवार कुल यात्रियों में से ज्यादातर भारतीय मूल के थे.
अधिकारियों ने बताया कि विमान वेट्री एयरपोर्ट पर ईधन भरने के लिए उतरा था. सूचना मिली की इसमें मानव तस्करी के पीड़ितों को ले जाया जा रहा है, जिसके बाद फ्लाइट को उड़ान भरने से रोक लिया गया. वेट्री एयरपोर्ट पर रिसेप्शन हॉल को वेटिंग एरिया में बदल दिया गया और सभी यात्रियों को यहां रोका गया है. मामले की न्यायिक जांच शुरू कर दी गई है.
1. अधिकारी ने बताया कि यात्रियों को शनिवार सुबह भी हवाई अड्डे के एंट्री हॉल में रखा गया. क्योंकि अभी तक फ्रांसीसी अधिकारी उनकी सभी डिटेल्स नहीं जुटा पाए हैं. साथ ही एंट्री हॉल को कवर कर दिया गया है. पुलिस ने इस एरिया में दूसरे यात्रियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है. 2. पेरिस प्रॉसीक्यूटर ऑफिस ने बताया कि शुक्रवार को हिरासत में लिए गए दो यात्रियों को शनिवार को फिर 48 घंटे के लिए हिरासत में लिया गया. उनसे पूछताछ की जा रही है. 3. एएफपी के अनुसार, इस मामले में आज सुनवाई होनी है. जज यात्रियों को हिरासत अवधि को 8 दिन के लिए बढ़ा सकते हैं. पेरिस प्रॉसीक्यूटर ऑफिस ने बताया कि फ्लाइट क्रू की डिटेल्स वेरिफाई कर ली गई हैं और अधिकारी इस यात्रा की पीछे की वजहों के बारे में पूछताछ कर रहे हैं.
4. लीजेंड एयरलाइंस की वकील लिलियाना बकायोको ने कहा कि एयरबस A340 के चालक दल के सभी सदस्यों को पूछताछ के बाद उन्हें जाने की अनुमति दे दी गई है. उन्होंने इससे पहले कहा था कि अगर अभियोजकों ने एयरलाइंस के खिलाफ आरोप दायर किए तो हम मुकदमा दायर करेंगे. 5. विमान को रोके जाने की सूचना मिलने के बाद भारतीय दूतावास के अधिकारी मौके पर पहुंचे. भारतीय दूतावास ने शनिवार को बताया था कि विमान में सवार सभी भारतीय नागरिकों का कॉन्सुलर एक्सेस मिल गया है. हमारे अधिकारी स्थिति के जल्द समाधान के लिए फ्रांस की सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

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