
फुटबॉलर के बाद अब ताइक्वांडो प्लेयर के हाथ में मणिपुर की कमान, जानिए कौन हैं युमनाम खेमचंद
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मणिपुर के नए मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह बनने जा रहे हैं. खेमचंद ने ताइक्वांडो खेल की दुनिया से नाम कमाने के बाद राजनीति ने अपनी पहचान बनाई और अब वे प्रदेश के सीएम बनने जा रहे हैं. बीरेन सिंह जहां फुलबाल प्लेयर थे, तो खेमचंद ताइक्वांडो के बड़े नाम रहे हैं.
मैतेई और कुकी समुदाय के संघर्ष से झुलसे मणिपुर में बीजेपी ने फिर से सरकार गठन करने जा रही है. मैतेई समुदाय से आने वाले 62 वर्षीय युमनाथ खेमचंद सिंह मणिपुर के नए मुख्यमंत्री होंगे. बीजेपी विधायक दल की बैठक में मंगलवार को उन्हें नेता चुन लिया गया है. मणिपुर के साथ एक संयोग ही होने जा रहा है. एक फुटबॉलर के बाद अब राज्य को एक ताइक्वांडो खिलाड़ी को मुख्यमंत्री की कुर्सी मिलने जा रही है.
पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के राइट हैंड से विरोध बनने वाले युमनाथ खेमचंद सिंह सियासी परिस्थितियों में बीजेपी पहली पंसद बनकर उभरे हैं. बीजेपी के वफादार नेता माने जाते है और उनकी पकड़ मैतेई और कुकी दोनों ही समुदाय में है. इसीलिए माना जा रहा है कि बीजेपी ने खेमचंद को सीएम की कुर्सी सौंपने का फैसला किया है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर युमनाम खेमचंद सिंह कौन है?
जानिए कौन है युमनाम खेमचंदमणिपुर में मुख्यमंत्री बनने जा रहे युमनाम खेमचंद सिंह का जन्म 1 मार्च 1963 को हुआ था. वे मैतेई समुदाय से आते हैं. बीरेन सिंह के करीबी माने जाते हैं. अपनी शुरूआती शिक्षा के दौरान ताइक्वांडो खेल से जुड़ गए थे. दक्षिण कोरिया में मार्शल आर्ट्स की बकायदा ट्रेनिंग ले रखी है और दुनिया के तमाम देशों में भारत का प्रतिनिधित्व किया. वो भारतीय ताइक्वांडो टीम के कप्तान भी रहे.
20 साल तक ताइक्कांडों खेल में रहे खेमचंद ने 1977 में अपनी ताइक्वांडो यात्रा शुरू की, जो अगले 20 वर्षों तक जारी रही. इस दौरान उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में इस खेल को बढ़ावा देने का काम किया.पिछले दिनों सियोल, दक्षिण कोरिया स्थित ग्लोबल ट्रेडिशनल ताइक्वांडो फेडरेशन द्वारा पारंपरिक ताइक्वांडो में प्रतिष्ठित 5वीं डैन ब्लैक बेल्ट से उन्हें सम्मानित किया गया. युमनाम को मिला यह ब्लैक बेल्ट से उनके दशकों की अनुशासन और निपुणता का प्रतीक है.
ताइक्वांडो खिलाड़ी के बाद युमनाम खेल प्रशासक भी रहे. उन्होंने ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया (TFI) में उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली. साथ ही पूर्वोत्तर भारत में इस खेल के प्रारंभिक संस्थागत विकास से जुड़े रहे. 1982 में खेमचंद ने असम ताइक्वांडो एसोसिएशन की स्थापना की और लगभग नौ वर्षों तक गुवाहाटी में रहे. 1992 के बाद वे मणिपुर लौटे और कोचिंग शुरू की. वे मणिपुर ताइक्वांडो एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे. वे भारतीय टीम के कोच भी बने.
सियासी पिच पर उतरे खेमचंद युमनाम खेमचंद ने 2002 में पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के साथ डेमोक्रेटिक रिवोल्यूशनरी पीपुल्स पार्टी के सदस्य के रूप में अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था. यह पार्टी भारत सरकार द्वारा नागा विद्रोही समूह एनएससीएन (आईएम) के साथ 1997 के युद्धविराम को बढ़ाने के विरोध में मैतेई समूहों के आंदोलन के बाद गठित की गई थी. संगठन के गठन एक नए खंड के विरोध में हुए आंदोलन के बाद हुआ था, जिसमें कहा गया था कि यह युद्धविराम बिना किसी क्षेत्रीय सीमा के होगा, जिसे मणिपुर की 'क्षेत्रीय अखंडता' के लिए खतरा माना गया था.

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