
फील्ड हॉस्पिटल, कंबल और स्लीपिंग मैट... तुर्की और सीरिया के लिए रवाना हुआ भारत का 7वां विमान
AajTak
भूकंप की तबाही से जूझ रहे तुर्की और सीरिया की मदद के लिए भारत ने राहत सामग्री से भरा 7वां विमान भी रवाना कर दिया है. फ्लाइट में भूकंप पीड़ितों के लिए 35 टन जीवन रक्षक दवाएं, फील्ड हॉस्पिटल, कंबल और स्लीपिंग मैट जैसी जरूरी चीजें हैं. इसमें से 23 टन सीरिया और 12 टन तुर्की को दिया जाना है.
तुर्की और सीरिया में जैसे-जैसे भूकंप से तबाही और मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. ठीक उसी तेजी के साथ भारत दोनों देशों के लिए मदद बढ़ाता जा रहा है. इसी के साथ उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्थित हिंडन एयरपोर्ट से राहत सामग्री के साथ 7वां प्लेन भी तुर्की और सीरिया के लिए रवाना हो चुका है. इस फ्लाइट में भूकंप पीड़ितों के लिए जीवन रक्षक दवाएं, फील्ड हॉस्पिटल, कंबल और स्लीपिंग मैट जैसी जरूरी चीजें हैं. सातवीं फ्लाइट रवाना होने की जानकारी खुद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दी है.
अधिकारियों के मुताबिक शनिवार शाम को रवाना किया गया 7वां विमान सबसे पहले सीरिया की राजधानी दमिश्क पहुंचेगा यहां राहत सामग्री उतारने के बाद यह फ्लाइट तुर्की के अडाना के लिए रवाना हो जाएगी. उन्होंने आगे बताया कि विमान 35 टन से ज्यादा राहत सामग्री ले जा रहा है, जिसमें से 23 टन से ज्यादा सामग्री सीरिया में और करीब 12 टन तुर्की पहुंचाई जाएगी. सीरिया को भेजी जाने वाली सहायता में स्लीपिंग मैट, जनरेटर सेट, सोलर लैंप, तिरपाल, कंबल, आपातकालीन और महत्वपूर्ण देखभाल दवाएं और आपदा राहत सामग्री जैसी राहत सामग्री शामिल हैं.
वहीं, तुर्की को भेजी गई मदद में भारतीय सेना के फील्ड अस्पताल और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों के लिए आपूर्ति, ईसीजी, रोगी मॉनिटर, एनेस्थीसिया मशीन, सिरिंज पंप और ग्लूकोमीटर जैसे चिकित्सा उपकरण शामिल हैं. अधिकारियों के मुताबिक राहत सामग्री की खेप में कंबल और अन्य राहत सामग्री भी शामिल हैं. बता दें कि तुर्की में भारतीय सेना के फील्ड अस्पताल में पहले ही भूकंप में घायल हुए कई लोगों को चिकित्सा उपचार प्रदान किया जा रहा है.
यह पूरी मदद 'ऑपरेशन दोस्त' के तहत की जा रही है. इस ऑपरेशन को भारत ने भूकंप आने के कुछ देर बाद ही लॉन्च कर दिया था. बता दें कि अब तक भूकंप के चलते तुर्की और सीरिया में 25 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. बता दें कि भारत, तुर्की और सीरिया में भूकंप पीड़ितों के लिए बढ़-चढ़कर मदद कर रहा है.
सेना के C-17 ग्लोबमास्टर विमान के जरिए अब तक तुर्की और सीरिया में मोबाइल अस्पताल, दवाइयां और कई राहत सामग्रियों से भरी 5 फ्लाइट भेजी जा चुकी हैं. इसके अलावा एक C-130 जे विमान पर भी राहत सामग्री भेजी गई है.
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निर्देश मिलने के बाद तुर्की को हर संभव मदद देने का फैसला लिया गया था, जिसके बाद एनडीआरएफ की खोज और बचाव टीमों, चिकित्सा टीमों और राहत सामग्री को तुर्की के लिए तत्काल भेजने का फैसला किया गया था.

ब्रिटेन में शाही परिवार के सदस्य और प्रिंस चार्ल्स के भाई एंड्र्यू माउंटबेटन-विंडसर को गिरफ्तार कर लिया गया है. डेली टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटिश पुलिस पूर्वी इंग्लैंड स्थित एंड्र्यू के घर पर पहुंची. सैंड्रिंघम एस्टेट के वुड फार्म के आसपास छह बिना नंबर वाली पुलिस कारें और आठ सादे कपड़ों में अधिकारी देखे गए. थेम्स वैली पुलिस फरवरी में उन आरोपों की जांच कर रही थी जिनमें दावा किया गया था कि माउंटबेटन-विंडसर ने दिवंगत यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन को सरकारी दस्तावेज दिए थे.

पाकिस्तान एक बार फिर से अफगानिस्तान पर हमले का बहाना ढूंढ़ रहा है. PAK ने अफगानिस्तान को कूटनीतिक मैसेज देते हुए खुलेआम कहा है कि उसे TTP या दूसरे किसी भी ग्रुप को जवाब देने और उसे खत्म करने का अधिकार है. पाकिस्तान ने इस कूटनीतिक भाषा के लिए सोमवार को हुए हमले को आधार बनाया है, जब उसके 11 सैनिक मर गए थे.

तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई बीएनपी सरकार ने घोषणा की है कि बांग्लादेश सभी देशों, खासकर पड़ोसियों के साथ संप्रभु समानता और पारस्परिक लाभ के आधार पर संबंध रखेगा. विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने 'बांग्लादेश फर्स्ट' को विदेश नीति का केंद्रीय सिद्धांत बताया और द्विपक्षीय रिश्तों की व्यापक समीक्षा के संकेत दिए.

ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया है और मिडिल ईस्ट में किसी भी समय युद्ध शुरू होने का खतरा बढ़ गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह संघर्ष कई हफ्तों तक चल सकता है. इस स्थिति को देखते हुए ईरान ने अपने सबसे संवेदनशील सैन्य और परमाणु ठिकानों को सुरक्षित रखने के लिए बड़े पैमाने पर किलाबंदी शुरू कर दी है. जिसका खुलासा सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है.









