
फिल्मी अंदाज में शुरू हुई थी 'बाबा के ढाबा' की स्टोरी, एक चूक और अर्श से फर्श पर आए
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किसी फिल्मी अंदाज में शुरू हुई बाबा के ढाबा की स्टोरी वापस ढाबे पर आकर रुक गई है. पिछले दिसंबर में बाबा का ढाबा एक रेस्टोरेंट बन चुका था, लेकिन यह फिल्मी कहानी बहुत ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाई. फरवरी का महीना आते-आते बाबा का रेस्टोरेंट बंद हो गया और वापस उन्हें ढाबे पर लौटना पड़ा.
किसी फिल्मी अंदाज में शुरू हुई बाबा के ढाबा की स्टोरी वापस ढाबे पर आकर रुक गई है. पिछले दिसंबर में बाबा का ढाबा एक रेस्टोरेंट बन चुका था, लेकिन यह फिल्मी कहानी बहुत ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाई. फरवरी का महीना आते-आते बाबा का रेस्टोरेंट बंद हो गया और वापस उन्हें ढाबे पर लौटना पड़ा. (फोटो क्रेडिट: आलोक दास) बाबा के नाम से प्रसिद्ध कांता प्रसाद और उनकी पत्नी बादामी देवी ने पिछले कई सालों से दिल्ली के मालवीय नगर के फुटपाथ पर अपना ढाबा चला रखा है. पिछले दिनों में इतनी प्रसिद्धि मिली सोशल मीडिया के जरिए उन्हें मदद करने वालों का तांता लग गया. पैसा और प्रसिद्धि दिलाने में सबसे आगे नाम एक यूट्यूबर, गौरव वासन का आया. (फाइल फोटो) लेकिन जैसे ही नाम और पैसा मिला, गौरव वासन से कांता प्रसाद के रिश्ते बिगड़ने लगे. कई और लोग कांता प्रसाद के करीब आ गए और उनकी मदद से कांता प्रसाद ने पास में ही एक अपना रेस्टोरेंट खोल दिया लेकिन दिसंबर में शुरू हुए इस रेस्टोरेंट्स का कारोबार महज 2 महीने चल पाया और फरवरी में उस पर भी ताला लग गया. (फाइल फोटो)More Related News

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