
प्लेबॉय मैगजीन के कवर पर फ्रांस की मंत्री, बवाल मचने पर कही ये बात
AajTak
फ्रांस कैबिनेट की मंत्री मार्लिन शियप्पा ने प्लेबॉय मैगजीन को 12 पेजों का एक इंटरव्यू भी दिया है. इस इंटरव्यू में उन्होंने अबॉर्शन, महिला अधिकारों और एलजीबीटी अधिकारों जैसे विषयों पर बात की है. वह ऐसी पहली महिला नेता हैं, जो प्लेबॉय के कवर पेज पर आई हैं. मार्लेन की यह तस्वीर प्लेबॉय मैगजीन के फ्रांस एडिशन में प्रकाशित होगी.
फ्रांस की मंत्री मार्लिन शियप्पा (Marlene Schiappa) की एक तस्वीर ने दुनियाभर में खलबली मचा दी है. उनकी यह तस्वीर प्लेबॉय (Playboy) मैगजीन के कवर पेज पर प्रकाशित हुई है. इस तस्वीर पर हंगामा इस कदर बरपा हुआ है कि खुद फ्रांस की प्रधानमंत्री एलिजाबेथ बॉर्न को आगे आकर इसकी आलोचना करनी पड़ी है.
खुद को सेपियोसेक्शुअल (Sapiosexual) बताने वाली फ्रांस कैबिनेट में सोशल इकोनॉमिक एंड फ्रेंच एसोसिएशन मामलों की मंत्री मार्लिन ने मैगजीन को 12 पेज का इंटरव्यू भी दिया है, जिसमें उन्होंने अबॉर्शन, महिला अधिकार और एलजीबीटी अधिकारों जैसे विषयों पर बात की है. मार्लिन ऐसी पहली महिला नेता हैं, जो प्लेबॉय के कवर पेज पर नजर आई हैं. मार्लिन की यह तस्वीर प्लेबॉय मैगजीन के फ्रांस एडिशन में प्रकाशित होगी.
फ्रांस कैबिनेट क्यों कर रही है विरोध?
फ्रांस में इस समय रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं. ऐसे में कैबिनेट से जुड़े कुछ लोगों का मानना है कि ऐसी स्थिति में मार्लिन का प्लेबॉय के कवर पेज पर आना सही नहीं है. इससे मामला और बिगड़ सकता है.
विवाद बढ़ने पर क्या बोलीं मार्लिन?
उनके इस प्लेबॉय कवर फोटो पर हंगामा बढ़ने के बाद मार्लिन ने ट्वीट कर अपना रुख रखा है. उन्होंने कहा है कि महिलाओं का अपने शरीर पर पूरा हक है. वो अपने शरीर के साथ कुछ भी करने को स्वतंत्र हैं. फ्रांस में महिलाएं आजाद हैं. फिर चाहे इससे पाखंडी या दकियानूसी सोच वाले लोगों को दिक्कत होती है तो होती रहे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले से स्थापित वर्ल्ड ऑर्डर में हलचल ला दी. ट्रंप के शासन के गुजरे एक वर्ष वैश्किल उथल-पुथल के रहे. 'अमेरिका फर्स्ट' के उन्माद पर सवाल राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ का हंटर चलाकर कनाडा, मैक्सिको, चीन, भारत की अर्थव्यवस्था को परीक्षा में डाल दिया. जब तक इकोनॉमी संभल रही थी तब तक ट्रंप ने ईरान और वेनेजुएला में अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर दुनिया को स्तब्ध कर दिया.

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दावोस शिखर सम्मेलन में मंगलवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसके संकेत दिए. उन्होंने दावोस शिखर सम्मेलन में कहा कि कुछ लोग इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहते हैं, ऐसा समझौता जो 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा और वैश्विक GDP के करीब एक-चौथाई का प्रतिनिधित्व करेगा.

मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अमेरिकी फौजी जमावड़े ने स्थिति को काफी संवेदनशील बना दिया है. एयरक्राफ्ट कैरियर, फाइटर जेट्स और मिसाइल डिफेंस सिस्टम अलर्ट मोड पर हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर दावा किया गया है कि चीन ने ईरान को अब तक की सबसे बड़ी सैन्य मदद भेजी है, जिसमें 56 घंटे के भीतर चीन के 16 जहाज ईरान पहुंचे. हालांकि इस सूचना की पुष्टि नहीं हुई है.










