
'प्लेन से टकरा गया है...', साउथ कोरिया प्लेन क्रैश से पहले पैसेंजर का आखिरी मैसेज
AajTak
दक्षिण कोरिया में रविवार को 181 लोगों को ले जा रहा जेजू एयर बोइंग 737-800 विमान लैंडिंग गियर में खराबी के कारण रनवे से फिसलकर बाड़ से जा टकराया था. इस हादसे में 179 लोगों की जान चली गई थी जबकि दो लोग जीवित बचे.
साउथ कोरिया के मुआन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्लेन क्रैश की घटना में 179 लोगों की मौत हुई है. इस घटना ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया था. इस बीच प्लेन में सवार एक पैसेंजर का आखिरी टेक्स्ट मैसेज सामने आया है, जिसमें उसने उस हादसे से पहले के पल को याद किया है.
जेजू एयर फ्लाइट 7C2216 में सवार एक पैसेंजर ने रविवार सुबह प्लेन क्रैश होने से ठीक पहले एक टेक्स्ट मैसेज भेजा, जिसमें लिखा था- प्लेन से एक पक्षी टकरा गया है. क्या मुझे अपने अंतिम शब्द लिख देने चाहिए? इस मैसेज के भेजे जाने से कुछ मिनटों बाद ही यह प्लेन रनवे पर टकरा गया और इसमे आग लग गई.
दुर्घटनास्थल के पास मछली पकड़ रहे एक चश्मदीद ने प्लेन क्रैश की घटना को याद करते हुए कहा कि पक्षियों का एक झुंड प्लेन के बाई तरफ के इंजन से टकरा गया था. बता दें कि ये प्लेन बैंकॉक से साउथ कोरिया आ रहा था. इस प्लेन में सवार ज्यादातर लोग क्रिसमस की छुट्टियां मनाने जा रहे थे.
दक्षिण कोरिया में रविवार को 181 लोगों को ले जा रहा जेजू एयर बोइंग 737-800 विमान पक्षियों के झुंड से टकरा गया था, जिससे उसके लैंडिंग गियर में खराबी आ गई. इसके बाद विमान रनवे से फिसलकर बाड़ से जा टकराया. इस हादसे में 179 लोगों की जान चली गई थी जबकि दो लोग जीवित बचे. इस विमान हादसे के लिए बर्ड स्ट्राइक को जिम्मेदार माना जा रहा है.
क्या है बर्ड स्ट्राइक? बर्ड स्ट्राइक दरअसल फ्लाइट और पक्षी या पक्षियों के झुंड के बीच होने वाली टक्कर है. वैसे एविएशन में इस शब्द का दायरा थोड़ा और बड़ा है और अगर लैंडिंग के दौरान जमीन पर रहते पशुओं से भी टक्कर हो जाए तो वो भी बर्ड स्ट्राइक ही है. 20वीं सदी की ऐन शुरुआत में पहली बार ये घटना हुई, जिसके बाद से हादसे बढ़ते ही जा रहे हैं.
इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन (ICAO) के अनुसार, साल 2016 से अगले 6 सालों के बीच लगभग पौने तीन लाख ऐसी घटनाएं दर्ज की गईं. पक्षी अक्सर माइग्रेशन के दौरान हवाई यातायात के बीच आ जाते हैं. वे झुंड में उड़ते हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











