
प्रियंका नाम का चक्कर... कई सालों तक फर्जीवाड़ा कर टीचर की नौकरी करती रही, यूं खुला राज
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लंदन में मौजूद लड़की के फर्जी दस्तावेज के आधार पर उसके नाम की एक महिला शिक्षिका नौकरी कर रही थी. मामले का खुलासा होने के बाद आरोपी महिला शिक्षिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर के सरकारी स्कूल में फर्जीवाड़ा कर नियुक्ति पाने का अनोखा मामला सामने आया है. लंदन में मौजूद लड़की के फर्जी दस्तावेज के आधार पर उसके नाम की एक महिला शिक्षिका नौकरी कर रही थी. मामले का खुलासा होने के बाद आरोपी महिला शिक्षिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.
पड़री थाने में जिला विद्यालय निरीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने 16 अप्रैल को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की. मामला कन्नौज जिले से जुड़ा हुआ है. जानकारी के मुताबिक, मनोज कुमार प्रजापति की बेटी प्रियंका लंदन में अपने पति के साथ रहती है. उनके सर्टिफिकेट्स की हूबहू कॉपी कर उनके नाम पर कन्नौज जनपद की ही प्रियंका (पिता- अजमेर सिंह यादव) मिर्जापुर के पहाड़ी ब्लॉक में उर्दू सहायक अध्यापक के पद पर नौकरी कर रही थी.
अधिकारियों के मुताबिक, 2014 में सहायक अध्यापक उर्दू के लिए भर्ती निकली थी, जिसमें प्रियंका यादव ने भी आवेदन किया. उनकी नियुक्ति सहायक अध्यापक के पद पर राजकीय बालिका हाई स्कूल भरपुरा, पहाड़ी मिर्जापुर में हुई. इस बीच किसी ने इसकी शिकायत अधिकारियों से कर दी कि प्रियंका जिस डिग्री पर नौकरी कर रही है, वह किसी दूसरे की डिग्री है. जिसकी डिग्री है, वह प्रियंका प्रजापति इस समय लंदन में है.
शिकायत पर संयुक्त शिक्षा निदेशक (विंध्याचल मंडल) ने इसकी जांच की. जांच में पता चला कि जिस लड़की प्रियंका प्रजापति की डिग्री पर प्रियंका यादव अध्यापक की नौकरी कर रही है. वह इस समय लंदन में अपने पति के साथ रहती है. मनोज प्रजापति ने 22 फरवरी को शपथ पत्र देते हुए स्वीकार किया कि मेरी बेटी प्रियंका प्रजापति के सर्टिफिकेट लंदन में उन्हीं के पास है. उसके नाम पर फर्जी सर्जिफिकेट बनाकर दूसरी प्रियंका उसके स्थान पर नौकरी कर रही है.
इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक की तहरीर पर पड़री थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई. अब तक फर्जी प्रियंका अगस्त 2021 तक 38 लाख 99 हजार से अधिक वेतन उठा चुकी है. फिलहाल प्रियंका को बर्खास्त किया जा चुका है.
विंध्याचल मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक कामता राम पाल ने कहा कि हमें जब शिकायत मिली तो स्कूल से मूल प्रमाण पत्र मंगाया. इसकी जांच की. जब मूल पता पर पिता से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि मेरी बेटी लंदन रहती है. उन्होंने पूरा पता और सर्टिफिकेट्स की कॉपी भेजी. जांच में पता चला कि यह प्रियंका यादव कन्नौज की रहने वाली है.

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