
प्रतिबंध के बावजूद इस देश को चावल भेजेगा भारत, बताई ये वजह
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भारत सरकार ने जुलाई के महीने में गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था. इसके बाद कई देशों ने भारत से अपील की है कि वो चावल निर्यात पर प्रतिबंध में उन्हें छूट प्रदान करे. भारत ने कुछ जरूरतमंद देशों की तरफ मदद का हाथ बढ़ाते हुए उन्हें चावल का निर्यात करने का फैसला किया है.
विश्व के सबसे बड़े चावल निर्यातक देश भारत के चावल निर्यात पर प्रतिबंध से कई देशों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. पिछले हफ्ते ही यह खबर आई थी कि सिंगापुर, इंडोनेशिया और फिलीपींस ने भारत से अपील की है कि उन्हें चावल निर्यात प्रतिबंध में छूट दी जाए. अब भारत ने सिंगापुर को चावल निर्यात की अनुमति देने का फैसला किया है.
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सिंगापुर के साथ विशेष संबंधों को देखते हुए भारत ने उसकी खाद्य सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए चावल निर्यात की अनुमति देने का फैसला किया है.
मंगलवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने मीडिया के एक सवाल के जवाब में कहा, 'भारत और सिंगापुर के बीच एक बेहद करीबी रणनीतिक साझेदारी है जो साझा हितों, आर्थिक संबंधों और दोनों देशों के लोगों के बीच जुड़ाव की विशेषता है. इस विशेष रिश्ते को देखते हुए भारत ने सिंगापुर की खाद्य सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए चावल निर्यात की अनुमति देने का फैसला किया है.'
बागची ने कहा कि इस संबंध में औपचारिक आदेश जल्द ही जारी किया जाएगा.
मोदी सरकार ने घरेलू कीमतों पर अंकुश लगाने और घरेलू खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 20 जुलाई से गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. यह प्रतिबंध बासमती चावल और उबले चावल पर नहीं था. लेकिन अब सरकार ने बासमती चावल के निर्यात पर भी कुछ पाबंदियां लगा दी हैं. 27 अगस्त को सरकार ने कहा कि 1200 डॉलर प्रति टन वाले बासमती चावल को निर्यात की अनुमति नहीं दी जाएगी.
बीते रविवार को सरकार ने कहा कि उसे गैर-बासमती सफेद के अवैध निर्यात को लेकर कई रिपोर्टें मिली हैं. सरकार ने कहा कि गैर-बासमती चावल का गलत वर्गीकरण कर उसे विदेश भेजा जा रहा है.

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