
पैगंबर मामले पर बोलने वाले डच सांसद की हिंदू और इस्लाम पर ये टिप्पणी चर्चा में
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नीदरलैंड्स के सांसद गिर्ट विल्डर्स लगातार नूपुर शर्मा के समर्थन में ट्वीट कर रहे हैं. अब उन्होंने कहा है कि हिंदू धर्म की तारीफ करते हुए कुछ ट्वीट किए हैं. इन ट्वीट को लेकर एक बार फिर से डच सांसद सुर्खियों में हैं.
भारतीय जनता पार्टी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की जहां विश्व के तमाम मुस्लिम और अरब देश आलोचना कर रहे हैं, वहीं नीदरलैंड के धुर-दक्षिणपंथी सांसद गिर्ट विल्डर्स उनका समर्थन कर चर्चा में हैं. अब उन्होंने हिंदू धर्म पर एक ट्वीट किया है.
विल्डर्स अपने ट्विटर अकाउंट पर नूपुर शर्मा मामले को लेकर लगातार ट्वीट कर रहे हैं. उन्होंने अपने हालिया ट्वीट में लिखा है, 'सांस्कृतिक सापेक्षवाद एक भ्रामक अवधारणा है. लोग समान हैं लेकिन संस्कृतियां नहीं. मानवता और स्वतंत्रता पर आधारित संस्कृति असहिष्णुता और गुलामी पर आधारित संस्कृति से हमेशा बेहतर होती है. इसलिए मैं इस्लाम से लाख गुना ज्यादा हिंदू धर्म का सम्मान करता हूं.' अपने इस ट्वीट में विल्डर्स ने #IsupportNupurSharma का हैशटैग भी इस्तेमाल किया है.
विल्डर्स अपने इस्लाम विरोधी बयानों के लिए जाने जाते हैं. इससे पहले किए गए एक ट्वीट में उन्होंने लिखा था कि मैं न तो हिंदू हूं और न ही भारतीय लेकिन एक बात मुझे पता है कि धर्मनिरपेक्षता का मतलब ये नहीं होना चाहिए कि एक धर्म को नीचा दिखाना जायज हो और दूसरे पर विवाद खड़ा कर दिया जाए.
सोमवार को किए गए एक और ट्वीट में विल्डर्स ने नेपाल का एक वीडियो शेयर किया है जिसमें एक भीड़ नूपुर शर्मा के समर्थन में रैली निकालती दिख रही है. वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, 'नेपाल- नूपुर शर्मा का पुरजोर समर्थन, शानदार!'
विल्डर्स का कहना है कि नूपुर शर्मा का समर्थन करने के कारण उन्हें जान से मार देने की धमकी भी मिल रही है लेकिन इससे वो डरे नहीं हैं बल्कि उनका इरादा और मजबूत हुआ है. उन्होंने ट्वीट किया, 'बहादुर नूपुर शर्मा के समर्थन में बोलने के कारण मुझे जान से मार देने की धमकियां मिल रही हैं. इससे मुझे उनका समर्थन करते हुए और अधिक गर्व महसूस हो रहा है. क्योंकि बुराई कभी जीत नहीं सकती.'
नूपुर शर्मा को पैगंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने को लेकर बीजेपी ने पार्टी से निष्कासित कर दिया है. एक निजी टीवी चैनल पर नूपुर शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी जिससे देश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक आदि राज्यों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.







