
'रूस से तेल हमें भी लेने दो...', इंडिया की छूट PAK को चुभी, नजम सेठी बोले- हम तो ट्रंप को नोबेल दिलवा रहे थे
AajTak
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पैदा हुए तेल संकट के बाद पाकिस्तान ने अपने यहां पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 55 पाकिस्तानी रुपये की भारी बढ़ोतरी की है. इसके बाद वहां की जनता हलकान है, पेट्रोल पंप पर लंबी लाइनें देखी जा रही हैं. इस बीच पाकिस्तान के सीनियर जर्नलिस्ट और राजनीतिक विश्लेषक ने अपने पीएम से तीखे सवाल पूछे हैं.
'इनका क्या ख्याल है इससे पाकिस्तान को बचा लेंगे. अगर पाकिस्तान को बचाना है तो फिर जाते और डोनाल्ड ट्रंप से कहते कि अगर आपने इंडिया को सहूलियत दी है कि वो रूस से तेल मंगवा ले तो हम भी मंगवा लेते हैं रूस से. हमारे भी बड़े मसले हैं. रूस के साथ हमें भी ताल्लुकात बनाने थे, लेकिन नहीं. वहां नहीं पहुंचेंगे वहां तो उनको नोबेल प्राइज देने की तैयारी हो रही थी.'
पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार नजम सेठी ने शहबाज सरकार को तगड़ी फटकार लगाई है. उन्होंने कहा है कि यही लोग थे जो डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल दिला रहे थे, अब ये लोग ट्रंप के पास वही रियायत मांगने क्यों नहीं जाते हैं जो ट्रंप ने भारत को दी है.
ट्रंप ने भारत को 30 दिनों तक रूस से क्रूड ऑयल खरीदने पर सहमति जताई है. हालांकि अमेरिकी दावों के विपरित भारत ने हमेशा से कहा है कि उसके लिए 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है.
ईरान वॉर के बाद पाकिस्तान में तेल का संकट गंभीर रूप से बढ़ गया है. दो दिन पहले सरकार ने अभूतपूर्व फैसला लेते हुए एक ही बार में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 55 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर बढ़ा दी. पाकिस्तानी जनता पेट्रोल पंप के चक्कर लगा रही है. इस वक्त पाकिस्तान में सामान्य पेट्रोल की नई कीमत 321.17 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर है, जबकि हाई-स्पीड डीजल 335.86 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. जबकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल हो गई है.
इतनी कीमतें बढ़ने के बावजूद पाकिस्तानी सरकार अपने ग्राहकों की जरूरतें पूरी नहीं कर पा रही है.
नजम सेठी ने एक टीवी चैनल पर अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि हमारी सरकार किस किस्म की नीतियां बनाती है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का आज दसवां दिन है. परमाणु कार्यक्रम के बहाने शुरू हुआ यह संघर्ष अब पानी की जंग में बदलता दिख रहा है. ईरान ने बहरीन जैसे पश्चिम एशिया के देशों के वाटर प्लांट पर हमले शुरू कर दिए हैं. इससे संकेत मिल रहे हैं कि युद्ध का नया मोर्चा अब वॉटर वॉर हो सकता है. खाड़ी देशों की ऊर्जा और पानी की सुरक्षा पर मंडराता खतरा वैश्विक संकट को और गहरा कर सकता है.

मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की 2024 में हुई हत्या में बिल्डर लॉबी का कोई सम्बन्ध नहीं है. इस विषय पर आजतक ने सिद्दीकी परिवार के वकील से बातचीत की गई, जिन्होंने इस मामले से जुड़ी जानकारी साझा की. पुलिस की यह पुष्टि बिल्डर लॉबी के कथित संलिप्तता की अटकलों को खारिज करती है. देखें वीडियो.

ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी युद्ध 10वें दिन भी जारी है. ईरान की मिसाइलें और ड्रोन खाड़ी और इजरायल के कई इलाकों में तबाही मचा रही हैं. इजरायल में सामान्य जीवन जारी है लेकिन सुरक्षा सतर्कता बढ़ गई है. इजरायल ने मजबूत एंटी मिसाइल सिस्टम विकसित किया है, बावजूद इसके कुछ हमला सफल रहे हैं. लेबनान में भी इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव और बमबारी बढ़ गई है, जिससे हजारों लोग विस्थापित हुए हैं. फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से आपात बैठक की मांग की है. इस पूरे संघर्ष का असर सीधे आम नागरिकों पर पड़ रहा है और दोनों पक्ष भारी नुकसान उठाते रहे हैं.

MP में जनगणना और आदिवासी पहचान को लेकर सियासत गरमा गई है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के 'आदिवासी धर्म कोड' वाले बयान ने भारतीय जनता पार्टी को हमलावर होने का मौका दे दिया है. अमरकंटक में दिए गए इस बयान को बीजेपी ने न केवल असंवैधानिक बताया है, बल्कि इसे सरकारी काम में बाधा डालने वाला कृत्य करार दिया है.

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पैदा हुए तेल संकट के बाद पाकिस्तान ने अपने यहां पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 55 पाकिस्तानी रुपये की भारी बढ़ोतरी की है. इसके बाद वहां की जनता हलकान है, पेट्रोल पंप पर लंबी लाइनें देखी जा रही हैं. इस बीच पाकिस्तान के सीनियर जर्नलिस्ट और राजनीतिक विश्लेषक ने अपने पीएम से तीखे सवाल पूछे हैं.

मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध का असर भारत की रसोई तक पहुंच सकता है. एलपीजी सिलेंडर की कीमत 60 रुपये बढ़कर दिल्ली में 913 रुपये हो गई है. भारत अपनी जरूरत का 65-70 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है. विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध के कारण सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है.

ईरान में जंग का असर भारत पर साफ दिखने लगा है. गैस महंगी हो गई है, तेल पर संकट गहराया है, सेंसेक्स गिर रहा है और रुपया लुढ़कता जा रहा है. खाड़ी देशों में करीब 1 करोड़ भारतीयों की जान फंसी है. इन मुद्दों को लेकर संसद में विपक्ष ने जोरदार प्रदर्शन किया और चर्चा की मांग की. बजट सत्र के दूसरे चरण में सदन के अंदर-बाहर विरोध की आवाजें गूंजती रहीं. सरकार ने संसद में बयान दिया और युद्ध, सप्लाई चेन पर असर और भारतीयों के रेस्क्यू की बात कही, लेकिन विपक्ष संतुष्ट नहीं है.






