
पीएम मोदी पर बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री बैन होने को लेकर बोला अमेरिका
AajTak
पीएम पीएम मोदी से जुड़े बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री इंडियाः द मोदी क्वेश्चन को भारत सरकार ने 'प्रोपगैंडा' करार देते हुए बैन कर दिया है. अमेरिका ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे प्रेस की स्वतंत्रता का मामला बताया है.
ब्रिटिश ब्रॉडकास्टर बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री विवादों के घेरे में है. पीएम मोदी पर बनी बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री 'इंडियाः द मोदी क्वेश्चन' को भारत सरकार ने 'प्रोपेगैंडा' करार देते हुए बैन कर दिया है.
भारत में बैन बीबीसी डॉक्यूमेंट्री को अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने प्रेस की स्वतंत्रता का मामला बताया है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि अमेरिका दुनिया भर में प्रेस और अभिव्यक्ति की आजादी जैसे लोकतांत्रिक सिद्धांतों का समर्थन करता है.
बुधवार को डेली प्रेस ब्रीफिंग के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस से पाकिस्तानी न्यूज चैनल एआरवाई ने भारत में बीबीसी डॉक्यूमेंट्री बैन को लेकर सवाल किया था. अमेरिकी प्रवक्ता ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता का मामला बताते हुए कहा कि भारत समेत पूरी दुनिया में अभिव्यक्ति की आजादी जैसे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के महत्व को उजागर करने और दुनिया भर में इसे मुद्दा बनाने का सही समय है.
दोनों देशों के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी: प्राइस
इससे पहले सोमवार को एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए नेड प्राइस ने कहा था कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी बीबीसी डॉक्यूमेंट्री से परिचित नहीं हैं. लेकिन दोनों देशों के बीच कई ऐसे तत्व हैं जो भारत के साथ अमेरिका की वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करते हैं, जिसमें राजनीतिक, आर्थिक और असाधारण रूप से लोगों के बीच संबंध शामिल हैं.
नेड प्राइस ने कहा, मैं उन साझा मूल्यों से भली-भांति परिचित हूं जो अमेरिका और भारत को दो संपन्न और जीवंत लोकतंत्र के रूप में स्थापित करते हैं. जब हमें भारत में की जाने वाली कार्रवाइयों के बारे में चिंता होती है, तो हम संबंधित लोगों के सामने इसे जरूर उठाते हैं.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?







