
पिछले 10 वर्षों में सीजेआई कार्यालय को जजों के ख़िलाफ़ 8,630 शिकायतें मिलीं: सरकार
The Wire
विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में बताया कि भारत के प्रधान न्यायाधीश कार्यालय को पिछले दस वर्षों में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीशों (सिटिंग जजों) के ख़िलाफ़ 8630 शिकायतें मिली हैं. हालांकि, इन शिकायतों पर कार्रवाई क्या हुई, इसका मंत्रालय के जवाब में कोई उल्लेख नहीं है.
नई दिल्ली: केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय ने शुक्रवार (13 फरवरी) को संसद में जानकारी दी कि पिछले एक दशक में भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) के कार्यालय को मौजूदा जजों के ख़िलाफ़ 8,630 शिकायतें मिली हैं.
बार एंड बेंच की खबर के मुताबिक, सरकार की ओर से यह डेटा विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (डीएमके) के सांसद माथेस्वरन वीएस द्वारा लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में दिया गया.
उल्लेखनीय है कि माथेस्वरन वीएस ने मंत्रालय से उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार, यौन दुराचार या अन्य गंभीर अनियमितताओं से संबंधित शिकायतों की सूची मांगी थी.
इसके जवाब में अर्जुन राम मेघवाल ने सर्वोच्च न्यायालय से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर लिखित जवाब प्रस्तुत करते हुए बताया कि मौजूदा न्यायाधीशों (सिटिंग जजों) के ख़िलाफ़ 8630 शिकायतें मिली हैं. इनमें सबसे ज्यादा 1170 शिकायतें वर्ष 2024 में मिलीं, जबकि सबसे कम 518 शिकायतें 2020 में सीजेआई कार्यालय को प्राप्त हुई हैं.
अपने सवाल में माथेस्वरन ने यह भी पूछा था कि क्या इन शिकायतों पर कोई कार्रवाई की गई है.
हालांकि, विधि मंत्रालय के जवाब में इस पहलू का कोई उल्लेख नहीं किया गया. साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि शिकायतों पर की गई कार्रवाई का कोई रिकॉर्ड क्यों नहीं है.

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