
पारसी तौर तरीके से शवों के अंतिम संस्कार पर SC की रोक, जानें-पारसी शवों को खुले में क्यों छोड़ते हैं?
AajTak
जिस तरह हिन्दू और सिख धर्म में शव का दाह-संस्कार किया जाता है, इस्लाम और ईसाई धर्म के लोग शव को दफनाते हैं, वहीं ही पारसी धर्म में टॉवर ऑफ साइलेंस के तहत अंतिम संस्कार किया जाता है. इसे दोखमेनाशिनी भी कहा जाता है. परंपरावादी पारसी आज भी दोखमेनाशिनी के सिवा किसी भी अन्य तरीके को अपनाने से इनकार करते हैं.
पारसी तौर तरीके से अंतिम संस्कार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने टावर ऑफ साइलेंस (Tower of Silence) पर फिलहाल रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने पारसी धर्म के रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार की इजाजत देने से इनकार कर दिया है. दरअसल, पारसी समुदाय के लोग लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि उन्हें कोरोना से जान गंवाने परिजनों का अंतिम संस्कार पारसी धर्म के तरीके से किए जाने की छूट मिले. दरअसल, पारसी रीतियों में शवों को दफनाने या दाह संस्कार करने पर रोक है. केंद्र ने अंतिम संस्कार के लिए जारी SoP को बदलने से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा कि COVID से मौत होने पर संस्कार का काम पेशेवर द्वारा किया जाता है. मृत शरीर को इस तरह खुला नहीं छोड़ा जा सकता है.

10-12 साल के लड़के और अश्लील कमेंट...जॉगिंग के दौरान युवती के साथ छेड़छाड़, वीडियो शेयर कर उठाए सवाल
बेंगलुरु के पास अवलाहल्ली जंगल में सुबह जॉगिंग कर रही रितिका सूर्यवंशी ने आरोप लगाया कि 10 से 13 साल के कुछ लड़कों ने उनके पहनावे और शरीर को लेकर अश्लील टिप्पणियां कीं. रितिका ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर बताया कि शुरुआत में उन्होंने बच्चों को नजरअंदाज किया, लेकिन जब बात बढ़ी तो उन्होंने उनका सामना किया.

Aaj 21 January 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 21 जनवरी 2026, दिन- बुधवार, माघ मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र दोपहर 13.58 बजे तक फिर शतभिषा नक्षत्र, चंद्रमा- कुंभ में, सूर्य- मकर में, विजय मुहूर्त- दोपहर 14.19 बजे से दोपहर 15.01 बजे तक, राहुकाल- दोपहर 12.33 बजे से दोपहर 13.52 बजे तक, दिशा शूल- उत्तर.











