
पाक के पूर्व चीफ जस्टिस के घर पर ग्रेनेड हमला, 2017 में नवाज शरीफ को अयोग्य किया था घोषित
AajTak
पाकिस्तान के पूर्व चीफ जस्टिस साकिब निसार अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने ही 2017 में पनामा पेपर्स मामले में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज को अयोग्य घोषित कर दिया था. निसार ने शक जताया है कि ये हमला उन्हें किसी तरह का संदेश देने के लिए कराया गया है.
पाकिस्तान के पूर्व चीफ जस्टिस साकिब निसार के लाहौर स्थित आवास पर बुधवार शाम ग्रेनेड हमला हुआ. इस हमले में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए. दरअसल, निसार की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने ही 2017 में पनामा पेपर्स मामले में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज को अयोग्य घोषित कर दिया था.
निसार ने एक निजी टीवी चैनल को फोन पर बताया, "मैं और मेरे परिवार के सदस्य ड्राइंग रूम में बैठे थे, जब घर में एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ. जब मैं गैरेज में गया तो सुरक्षा में तैनात दो पुलिसकर्मी घायल अवस्था में पड़े थे. उन्होंने मुझे बताया कि अज्ञात लोगों ने गैरेज में ग्रेनेड फेंका और भाग गए."
उन्होंने कहा कि घायलों को अस्पताल ले जाया गया है. उन्हें संदेह है कि यह हमला उनके लिए कोई गंभीर संदेश लेकर जा रहा होगा. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की. पंजाब पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा, "हम सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रहे हैं." उन्होंने कहा कि पुलिस ने पूर्व सीजेपी की सुरक्षा बढ़ा दी है.
बता दें कि जब से पीएमएल-एन सुप्रीमो और पूर्व प्रधान मंत्री नवाज शरीफ ब्रिटेन में स्व-निर्वासन में चार साल बिताने के बाद अक्टूबर में लाहौर पहुंचे हैं वह 2017 में उन्हें सत्ता से बाहर करने के लिए पूर्व सीजेपी पर निशाना साध रहे हैं.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











