
पाकिस्तान से जान बचाकर आए हिंदू सरकारी सुविधाओं से दूर क्यों: दिन भर, 26 मई
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नए संसद भवन के उद्धाटन में बस एक दिन का वक़्त बचा है. लेकिन इस पर मचा सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष को ये नसीहत दी. तो क्या विपक्ष के नेता इस समारोह में नज़र आएंगे और उद्घाटन का पूरा कार्यक्रम क्या है? केंद्र में मोदी सरकार के 9 साल पूरे हो गए हैं. इस मौक़े पर आज कांग्रेस 9 सवाल लेकर आई और बीजेपी की तरफ़ से जवाब भी आया. तो इन 9 सालों में मोदी सरकार के हिट्स और मिसेज़ क्या रहे, तुर्की के नए प्रेसिडेंट का चुनाव पहले राउंड में किसी नतीजे पर नहीं पहुँच पाया था, अब दूसरे राउंड में फैसला होना है. तो क्या राष्ट्रपति अर्दोआन की जीत पक्की है या उसमें कोई ट्विस्ट बाक़ी है, पाकिस्तान से जान बचाकर आए हिन्दुओं का जीवन दिल्ली की झुग्गियों में कैसे कट रहा है और सरकार उनकी खोज ख़बर क्यों नहीं ले रही है, सुनिए 'दिन भर'
उद्घाटन पर सियासत नहीं थमेगी?
28 मई की तारीख भारतीय संसदीय इतिहास में एक नया सवेरा लेकर आएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई संसद का उद्घाटन करने जा रहे हैं. विपक्षी पार्टियों ने इसका उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से नहीं कराए जाने और उन्हें नहीं बुलाए जाने के चलते इसके बहिष्कार की बात कर रही है. नए पार्लियामेंट का उद्घाटन राष्ट्रपति से कराये जाने की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका दायर की गई थी, जिसे शीर्ष अदालत ने आज खारिज कर दी. कोर्ट ने सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि ऐसी याचिकाओं को देखना सुप्रीम कोर्ट का काम नहीं है. वहीं, गृहमंत्री अमित शाह ने कल गुवाहाटी में एक कार्यक्रम के दौरान इस विवाद को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा,
तो कांग्रेस समेत 21 पार्टियां इस प्रोग्राम का बॉयकॉट करने जा रही है. वहीं, 7 गैर एनडीए पार्टियां भी हैं, जो इसमें शामिल होने की बात कह रही हैं, इनमें मायावती की बीएसपी, शिरोमणि अकाली दल, JD(s), लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास), वाईएसआर कांग्रेस, बीजू जनता दल और तेलुगू देशम पार्टी का . जैसी पार्टियां हैं और लोकसभा में इनके कुल 50 सदस्य हैं. तो उद्घाटन को लेकर लेटेस्ट अपडेट क्या हैं, क्या क्या प्रोग्राम तय हुए हैं, सुनिए 'दिन भर' में,
9 साल का रिपोर्ट कार्ड
आज मई की 26 तारीख है और आज देश में नरेंद्र मोदी सरकार के 9 साल पूरे हो गए. इस मौक़े पर कांग्रेस पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया, जिसमें प्रधानमंत्री से 9 सवाल पूछे गए. 27 और 28 मई को अलग-अलग शहरों में भी इस तरह के प्रेस कॉनफ्रेंस आयोजित किए जाएंगे. पार्टी प्रवक्ताओं ने किसानों की दोगुनी आय, अदाणी को फ़ायदा पहुंचाने के आरोप, जाति आधारित जनगणना पर चुप्पी आदि जैसे सवाल उठाए. नौ साल नौ सवाल नाम का एक बुकलेट भी जारी किया गया.कांग्रेस के आरोपों के जवाब में बीजेपी की ओर भी एक प्रेस कॉनफ्रेंस हुआ, जिसमें बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने सभी सवालों को झूठ का पुलिंदा बताया, उनके सवालों का जवाब भी दिया और पलटकर सवाल भी दागे. सरकार के 9 साल पूरे होने पर पक्ष और विपक्ष की ओर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला. हालांकि इस मौके पर ये बात करना ज़रूरी है कि नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले 9 साल में किन मोर्चों पर अच्छा काम किया है और कहां चूक गई, सुनिए 'दिन भर' में,
तुर्की को अर्दोआन ही चलाएंगे?

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