
पाकिस्तान: मोहनजोदड़ो पुरातात्विक स्थल से फिर निकले प्राचीन सिक्के, जांच के लिए लैब भेजे गए
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मोहनजोदड़ो का शाब्दिक अर्थ होता है मुर्दों का टीला. दक्षिण एशिया में बसे इस शहर को दुनिया के सबसे पुराने शहरों में शुमार किया जाता है. जब दुनिया में यूनान-लेबनॉन और यूरोप की सभ्यताएं जन्मीं भी नहीं थीं, तब वर्तमान पाकिस्तान के सिंध में 2600 BC के आस-पास इसका निर्माण हुआ था.
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में मोहनजोदड़ो में खुदाई के दौरान तांबे के सिक्कों से भरा एक बर्तन मिला है. द न्यूज इंटरनेशनल ने संरक्षण निदेशक सैयद शाकिर शाह के हवाले से बताया, "मजदूर गुरुवार को एक ढही हुई दीवार की खुदाई कर रहे थे, तभी उनकी नजर प्राचीन तांबे के सिक्कों से भरे एक बर्तन पर पड़ी. बर्तन में सावधानीपूर्वक पैक किए गए सिक्कों को विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया है."
उन्होंने बताया, “इन सिक्कों की भाषा और उन पर अंकित संख्याओं की व्याख्या करने के अलावा यह विश्लेषण करने के लिए अनुसंधान किया जाएगा कि ये सिक्के कितने पुराने थे. यह कितने पुराने हैं और इनसे जुड़ी अन्य जानकारी लैब की जांच के बाद ही दी जा सकती है.”
बता दें कि 1980 में यूनेस्को की उत्कृष्ट सार्वभौमिक मूल्य की विश्व धरोहर स्थलों की लिस्ट में अंकित मोहनजोदड़ो के पुरातात्विक खंडहर - मोहनजोदड़ो के प्राचीन विशाल शहर के खंडहर - तीसरी सहस्राब्दी ईसा पूर्व में पूरी तरह से कच्ची ईंटों से बने हैं. ये सिंधु घाटी में स्थित हैं.
गौरतलब है कि मोहनजोदड़ो का शाब्दिक अर्थ होता है मुर्दों का टीला. दक्षिण एशिया में बसे इस शहर को दुनिया के सबसे पुराने शहरों में शुमार किया जाता है. जब दुनिया में यूनान-लेबनॉन और यूरोप की सभ्यताएं जन्मीं भी नहीं थीं, तब वर्तमान पाकिस्तान के सिंध में 2600 BC के आस-पास इसका निर्माण हुआ था. खुदाई के दौरान इस शहर में बड़ी बड़ी इमारतें, व्यवस्थित सड़के व नालियां, जल कुंड, सुंदर चित्रकारी, मिट्टी व धातु के बर्तन, मुद्राएं, ईंट, तराशे हुए पत्थर और इसके अलावा ढेर सारी चीजें मिलीं. उनकी सभ्यता में धर्म का पक्ष भी अत्यन्त मजबूत प्रतीत होता है.

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