
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पकड़ा गया अलकायदा का आतंकी, बिन लादेन का करीबी था अमीन उल हक
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पीटीआई के मुताबिक, आतंकवाद निरोधी विभाग के डीआईजी उस्मान अकरम गोनाडल ने बताया कि उस आतंकवादी को खुफिया जानकारी पर आधारित अभियान के दौरान पकड़ा गया. अमीन उल हक को संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित किया गया था.
पाकिस्तान के आतंकवाद निरोधी विभाग (CTD) के अधिकारियों ने शुक्रवार को पंजाब प्रांत से अलकायदा के वरिष्ठ नेता और मारे गए आतंकवादी ओसामा बिन लादेन के करीबी सहयोगी अमीन उल हक को गिरफ्तार कर लिया. एजेंसी ने इसे देश में बड़े पैमाने पर आतंकवाद परियोजना को विफल करने वाली कार्रवाई करार दिया.
पीटीआई के मुताबिक, आतंकवाद निरोधी विभाग के डीआईजी उस्मान अकरम गोनाडल ने बताया कि उस आतंकवादी को खुफिया जानकारी पर आधारित अभियान के दौरान पकड़ा गया. अमीन उल हक को संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित किया गया था और उसे पंजाब प्रांत के गुजरात जिले के सराय आलमगीर कस्बे से हिरासत में लिया गया.
पंजाब पुलिस के आतंकवाद निरोधी विभाग (सीटीडी) के प्रवक्ता ने अमीन उल हक की गिरफ्तारी को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण सफलता बताया. पुलिस के अनुसार, हक 1996 से अलकायदा संस्थापक बिन लादेन का करीबी सहयोगी था और उसने कथित तौर पर पूरे प्रांत में तोड़फोड़ की गतिविधियों की योजना बनाई थी और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और हस्तियों को निशाना बनाना चाहता था.
सीटीडी के हवाले से कहा गया कि अमीन उल हक की गिरफ्तारी पाकिस्तान और दुनिया भर में आतंकवाद से निपटने के लिए चल रहे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है. अमीन उल हक पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर आतंक फैलाने की योजना बना रहा था.
अब सीटीडी ने गिरफ्तार आतंकवादी के खिलाफ मामला दर्ज किया है और पूछताछ के लिए उसे अज्ञात स्थान पर भेज दिया है. बिन लादेन 2011 में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पाकिस्तानी शहर एबटाबाद में उसके ठिकाने पर अमेरिकी छापे के दौरान मारा गया था. सीटीडी के एक उच्च अधिकारी ने कहा कि हक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और अधिकारी इस बात की जांच करेंगे कि एक हाई-प्रोफाइल आतंकवादी पाकिस्तान में क्या कर रहा था?
जियो न्यूज ने सीटीडी अधिकारी के हवाले से बताया, 'उसे 2021 में अफगानिस्तान में देखा गया था. उसके पास पाकिस्तान का आईडी कार्ड भी है, जिस पर लाहौर और हरिपुर के पते जोड़े गए हैं.' संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की वेबसाइट से पता चलता है कि हक को 2001 में वैश्विक आतंकवादी घोषित किया गया था. वो 1960 में अफगानिस्तान के नांगरहार प्रांत में पैदा हुआ था.

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