
पाकिस्तान: इमरान खान ने विपक्ष को बताया मीर जाफर, फिर किया अमेरिकी साजिश का जिक्र
AajTak
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने फैसला किया है कि वे इस्तीफा नहीं देंगे. पाकिस्तान की स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी. पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को राष्ट्रपति अल्वी के नेशनल असेंबली भंग करने के फैसले को बदल दिया था. अल्वी ने इमरान खान की सिफारिश पर संसद भंग कर दी थी.
इमरान खान पाकिस्तान की सत्ता से बेदखल हो गए. इसी बीच रविवार को इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए. इमरान खान ने देर रात अपने समर्थकों का शुक्रिया किया. इस दौरान उन्होंने एक बार फिर अपनी सत्ता गंवाने के पीछे अमेरिकी साजिश का जिक्र किया. इतना ही नहीं इमरान खान ने विपक्ष को स्थानीय मीर जाफर बताया.
इमरान खान ने ट्वीट किया, स्थानीय मीर जाफरों ने अमेरिकी समर्थन के उकसावे के बाद सत्ता में आने के लिए चाल चली. पाकिस्तान की जनता ने इसका विरोध किया. उन्होंने आगे लिखा, लोगों के समर्थन और भावनाओं के प्रदर्शन के लिए सभी को धन्यवाद. इमरान ने कहा कि पाकिस्तानियों का विरोध दिखाता है कि उन्होंने इसे जोरदार तरीके से खारिज कर दिया है. इमरान ने कहा, हमारे इतिहास में कभी भी इतनी भीड़ इतनी बड़ी संख्या में नहीं आई, जो बदमाशों के नेतृत्व वाली खरीदी हुई सरकार के विरोध में है.
Never have such crowds come out so spontaneously and in such numbers in our history, rejecting the imported govt led by crooks. pic.twitter.com/YWrvD1u8MM
पाकिस्तान में स्वतंत्रता संग्राम फिर से शुरू हो गया- इमरान
इससे पहले पूर्व पीएम इमरान खान ने ट्वीट कह कहा था कि पाकिस्तान 1947 में आजाद हुआ था. लेकिन सत्ता परिवर्तन के साथ पाकिस्तान का स्वतंत्रता संग्राम फिर से शुरू हो गया है. ये देश के लोग ही हैं, जो अपनी संप्रभुता और लोकतंत्र की रक्षा करते हैं.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











