
पाकिस्तान-अफगानिस्तान की जंग रोकने के लिए कतर में बड़ी मीटिंग, PAK प्रतिनिधि दोहा पहुंचा
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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के प्रतिनिधिमंडल दोहा में वार्ता के लिए मिल रहे हैं. पाकिस्तान की ओर से ख्वाजा आसिफ और आसिम मलिक शामिल हैं, जबकि अफगानिस्तान की ओर से मुल्ला मोहम्मद याकूब और अब्दुल हक वसीक रहेंगे. संघर्षविराम दो दिनों के लिए बढ़ाया गया है.
पाकिस्तान का उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल दोहा पहुंच गया है ताकि अफगानिस्तान की इस्लामिक अमीरात के साथ वार्ता शुरू की जा सके. इस प्रतिनिधिमंडल में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ और खुफिया एजेंसी के प्रमुख आसिम मलिक शामिल हैं. इस बीच, काबुल से अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री मुल्ला मोहम्मद याकूब मुजाहिद और खुफिया विभाग के प्रमुख अब्दुल हक वसीक के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल दोहा पहुंचने वाला है.
पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने अपने बीच चल रहे 48 घंटे के अस्थायी संघर्षविराम को दोहा वार्ता की समाप्ति तक बढ़ा दिया है. यह फैसला पाकिस्तान के अनुरोध पर लिया गया. दोनों देशों के बीच यह बातचीत अतीत में हुई तीव्र सीमा झड़पों के बाद हो रही है जिसमें दर्जनों लोग मारे गए और कई घायल हुए थे. हालांकि, इस बीच दावा है कि पाकिस्तान ने संघर्षविराम का उल्लंघन किया.
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पाकिस्तान के उत्तर वजीरिस्तान में हाल ही में हुए एक आत्मघाती हमले में सात पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 13 घायल हुए. इसके बावजूद, अफगान तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने कहा कि काबुल सरकार ने अपनी सेनाओं को निर्देश दिया है कि जब तक पाकिस्तान कोई हमला नहीं करता, तब तक संघर्षविराम बनाए रखा जाए.
कतर और तुर्की की मध्यस्थता में बैठक
कतरी सूत्रों के अनुसार, यह बैठक कतर और तुर्की की मध्यस्थता में आयोजित की जा रही है. इसमें मुख्य रूप से संघर्षविराम की अवधि बढ़ाने और हालिया राजनीतिक और सुरक्षा चुनौतियों के समाधान पर चर्चा होगी. विशेषज्ञ जन्नत फहीम ने कहा कि दोनों देशों के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधियों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि वार्ता से सकारात्मक नतीजे निकल सकते हैं.

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