
पहले लगा पटाखे छोड़े जा रहे, फिर पल भर में ही हर ओर लाशें थीं... पहलगाम हमले के चश्मदीद ने सुनाई आतंक की दास्तां
AajTak
पर्यटक ने कहा कि करीब 100 राउंड फायरिंग हुई. एक अन्य शख्स ने कहा कि हम मैदान में बैठे थे, घोड़ेवाला हमारे साथ था. तभी अचानक गोलियों की आवाज आई. तीन राउंड के बाद हमें एहसास हुआ कि यह आतंकी हमला है और मैं पेड़ के पीछे छिप गया. हमारी आंखों के सामने एक महिला को गोली मार दी गई.
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई. आजतक के पास एक एक्सक्लूसिव वीडियो है जिसमें एक पर्यटक को मैदान में टहलते देखा जा सकता है. इसी दौरान गोलियों की तड़तड़ाहट की आवाज सुनी जा सकती है. एक अन्य वीडियो में वही पर्यटक बता रहा है कि कैसे वह इस आतंकी हमले में बाल-बाल बचा.
पर्यटक ने बताई आतंक की दास्तां...
पर्यटक ने अपने वीडियो में कहा, 'पहले हमें लगा कि पटाखे चल रहे हैं. दो-तीन राउंड की आवाज आई. फिर जब लोगों की चीखें सुनी, तो हम जान बचाकर भागे.' बाद में आजतक से बातचीत में उस शख्स ने बताया कि हमले के वक्त वह बुरी तरह डर गया था और शुरू में उसे लगा कि शायद पटाखे फोड़े जा रहे हैं. जब पूछा गया कि क्या उस समय वहां 'सुरक्षा बल मौजूद थे' तो उसने कहा कि वह इस पर ध्यान नहीं दे सका क्योंकि वह अपनी जान बचाकर भाग रहा था. हालांकि, उसके साथ मौजूद दोस्त ने दावा किया कि 'वहां कोई सुरक्षा बल तैनात नहीं थे.'
पर्यटक ने कहा कि सबकुछ अच्छा गुजरा रहा था. हमें लगा कि ऐसा कुछ नहीं होगा. लेकिन यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उसके दोस्त ने बताया कि वह अब भी डर के मारे कांप रहा है. पर्यटक ने कहा कि करीब 100 राउंड फायरिंग हुई. एक अन्य शख्स ने कहा कि हम मैदान में बैठे थे, घोड़ेवाला हमारे साथ था. तभी अचानक गोलियों की आवाज आई. तीन राउंड के बाद हमें एहसास हुआ कि यह आतंकी हमला है और मैं पेड़ के पीछे छिप गया. हमारी आंखों के सामने एक महिला को गोली मार दी गई.
यह भी पढ़ें: 'मुश्किल वक्त में भारत के साथ...', ट्रंप और पुतिन ने की पहलगाम आतंकी हमले की निंदा
यह भी पढ़ें: पहलगाम में आतंकी हमला: सऊदी अरब का दौरा बीच में ही छोड़ नई दिल्ली लौट रहे पीएम मोदी

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.







