
पहले पेजर और वॉकी-टॉकी ब्लास्ट... और अब इजरायली फाइटर जेट्स ने लेबनान में बरसाए बम
AajTak
इजरायल जब फिलिस्तीन के गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ युद्ध लड़ रहा है, तब हमास का सहयोगी हिज्बुल्लाह भी इजरायल को दूसरे छोर पर चुनौती दे रहा है. यानी इजरायल दो मोर्चों पर जंग के मैदान में है. पिछले साल सात अक्टूबर को हमास ने अचानक इजरायल में घुसकर हमला कर दिया था.
इजरायल के टारगेट पर अब खुलकर हिज्बुल्लाह और लेबनान आ गए हैं. पहले पेजर और फिर वॉकी-टॉकी ब्लास्ट से लेबनान में दहशत फैली और आरोप इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद पर लगे. अब खबर है कि इजरायली फाइटर जेट्स ने रातभर लेबनान में बम बरसाए. कई ठिकानों को निशाना बनाया और बड़ा नुकसान पहुंचाया है. फिलहाल, लेबनान बॉर्डर पर तनाव है और पूरी तरह क्षेत्रीय युद्ध छिड़ने का खतरा बढ़ गया है.
दरअसल, इजरायल जब फिलिस्तीन के गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ युद्ध लड़ रहा है, तब हमास का सहयोगी हिज्बुल्लाह भी इजरायल को दूसरे छोर पर चुनौती दे रहा है. यानी इजरायल दो मोर्चों पर जंग के मैदान में है. पिछले साल सात अक्टूबर को हमास ने अचानक इजरायल में घुसकर हमला कर दिया था. बड़ी संख्या में नरसंहार किया और सैकड़ों लोगों को बंधक बनाकर गाजा पट्टी ले गया था. जवाबी कार्रवाई में इजरायल ने अटैक किया. इस बीच, लेबनान का संगठन हिज्बुल्लाह भी फिलिस्तीन के समर्थन में आ गया और इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन दाग रहा है. पिछले 11 महीने से हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच जंग जैसी स्थिति है.
लेबनान में पेजर हमलों में गई 12 की जान
मंगलवार को यह तनाव तब और बढ़ गया, जब लेबनान और सीरिया के सीमावर्ती इलाकों में हिज्बुल्लाह के पेजर्स (संचार उपकरण) में ब्लास्ट होने लगे. राजधानी बेरूत और दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों विशेष रूप से पूर्वी बेका वैली में करीब एक घंटे तक सीरियल ब्लास्ट होने से दहशत फैल गई. इन इलाकों को हिज्बुल्लाह का गढ़ माना जाता है. घटना में 12 की मौत हो गई और 4 हजार लोग जख्मी हो गए.
और फिर वॉकी-टॉकी में ब्लास्ट से दहशत में आए लोग
इस बीच, बुधवार को जब धमाकों में मारे गए लोगों की अंतिम यात्रा निकाली जा रही थी, तब वॉकी-टॉकी में ब्लास्ट होने लगे. बेरूत समेत कई शहरों में घरों के सोलर सिस्टम में भी धमाके हुए. हैंड हेल्ड रेडियो में भी ब्लास्ट हुए. लोग घबराकर सड़कों पर जमा हो गए. कई लोग जख्मी होने की खबर है. हालांकि, इजरायल ने हमलों पर सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











