
पहले निज्जर, फिर सुक्खा: न सबूत, न गवाह, बस दावे हवा-हवाई... फेल हुआ ट्रूडो का सियासी टूल किट
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जस्टिन ट्रूडो का आरोप है कि हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत सरकार के एजेंट्स का हाथ है. लेकिन भारत सरकार इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे एक बेतुका बयान बताया. दोनों देशों में तनाव के बीच खालिस्तानी गैंग्स्टर सुखदूल सिंह उर्फ सुक्खा की हत्या हो गई. सुक्खा खालिस्तानी आतंकी अर्श डाला का राइड हैंड भी माना जाता था. सुक्खा की हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है.
भारत और कनाडा के बीच तल्खी और बढ़ती जा रही है. जहां कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने न्यूयॉर्क पहुंचकर अपने आरोप दोहराते हुए खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ बताया. भले ही ट्रूडो कनाडा की संसद से लेकर न्यूयॉर्क तक निज्जर की हत्या में भारत का हाथ होने के पुख्ता सबूत होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन ये सबूत उन्होंने भारत को सौंपने से इनकार कर दिया. यानी ट्रूडो के आरोप अब तक हवा हवाई ही नजर आ रहे हैं. उधर, ट्रूडो के आरोपों के बाद से भारत एक्शन मोड में है. भारत ने गुरुवार को कनाडाई नागरिकों के लिए वीजा सेवा रोक दी है, साथ ही भारतीय विदेश मंत्रालय ने कनाडा को आतंकियों का सुरक्षित पनाहगार बताया.
इतना ही नहीं भारत ने कनाडा को स्पष्ट शब्दों में संदेश दे दिया कि 'अभिव्यक्ति की आजादी' के आड़ में भारत विरोधी टूलकिट अब नहीं चलेगी. दरअसल, 18 जून को सरे में हुई खालिस्तानी आतंकी निज्जर की हत्या में ट्रूडो भारत का हाथ बताकर इसे सियासी टूल किट की तरह इस्तेमाल करना चाहते थे. लेकिन भारत की दमदार कूटनीति से जस्टिन ट्रूडो का गोल कनाडा के लिए सेल्फ गोल बन गया. भारत ने खोला कच्चा चिट्ठा
ट्रूडो ने गुरुवार को कहा कि हम चाहते हैं कि भारत सरकार इन आरोपों को गंभीरता से ले और हमारे साथ मिलकर काम करें. उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के सामने भी उन्होंने इस मुद्दे को उठाया था. ट्रूडो का साथ मिलकर काम करने का दावा भी हवा हवाई ही नजर आ रहा है. दरअसल, भारत साफ कर चुका है कि खालिस्तानी आतंकी निज्जर की हत्या में उसका कोई हाथ नहीं है. साथ ही भारत ने कनाडा से वो सबूत भी मांगे, जिनका ट्रूडो लगातार जिक्र कर रहे हैं. लेकिन कनाडा की ओर से भारत को इसके बारे में न कोई जानकारी दी गई और न ही सबूत.
दूसरी ओर भारत ने कनाडा की जमीन का भारत विरोधी गतिविधियों में हो रहे इस्तेमाल के सबूत भी ट्रूडो सरकार को सौंपे. लेकिन उनपर कोई एक्शन अभी तक नहीं लिया गया. भारत ने पिछले दिनों कनाडा की जमीन पर रह रहे 9 गैंगस्टर की लिस्ट सौंपी थी. भारत ने इनमें से कई के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया है. लेकिन कनाडा की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई.
क्या कहा विदेश मंत्रालय ने?
दुनिया के सामने भारत ने कनाडा के डबल स्टैंडर्ड को एक्सपोज कर दिया है. कनाडा सरकार के आरोपों का भारत की तरफ से करारा जवाब दिया गया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हमने कनाडा की धरती पर आतंकवादी गतिविधियों के बारे में उन्हें जानकारी दी. लेकिन कनाडा ने कोई विशेष जानकारी (निज्जर की हत्या को लेकर) भारत के साथ शेयर नहीं की है. कनाडा आतंकवादी गतिविधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बन गया है. उसे अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा के बारे में सोचने की जरूरत है. उन्होंने कहा, सबसे बड़ा मुद्दा कनाडा और पाकिस्तान द्वारा वित्त पोषित और समर्थित आतंकवाद है.

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