
पहले कब्र से रिश्तेदारों का निकालते हैं कंकाल, फिर हड्डियों के साथ डांस करते हैं यहां के लोग
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दुनिया के कुछ हिस्सों में लोग सैकड़ों सालों से ऐसी परंपराएं निभा रहे हैं, जिसके बारे में सुनकर ही अजीब लगता है. इन अजीबोगरीब रिवाजों से जुड़ी कहानियां भी काफी दिलचस्प होती हैं. ऐसा ही एक रिवाज है, जिसमें लोग अपने रिश्तेदारों की कब्र से उनके अवशेषों को निकालकर, उसे सिर पर रखकर नृत्य करते हैं.
अपने रिश्तेदारों के शवों को कब्र खोदकर निकालना, फिर उनके अवशेषों के साथ नाचना और खुशियां मनाना. यह अजीबोगरीब रस्म मेडागास्कर के एक खास समुदाय मालगासी में निभाई जाती है. यह परंपरा काफी पुराना है. लोग इसे उत्सव की तरह मनाते हैं. इस अनोखे अनुष्ठान के दौरान पूरा कब्रिस्तान अस्त-व्यस्त हो जाता है. अनजान लोगों अगर उस अनुष्ठान के दौरान वहां पहुंच जाएं तो वो मंजर काफी डरावना दिखेगा.
लोग अपने परिजनों के शव के अवशेष निकालने के लिए कब्रों को खोद देते हैं. इसके बाद शवों के अवशेषों को बाहर निकाला जाता है. कब्र से शवों को निकाल लेने के बाद कब्रिस्तान का नजारा डरावना दिखता है. हर तरफ आधे-अधूरे खुदे हुए कब्र नजर आते हैं. आसपास शवों के अवशेष भी पड़े रहते हैं.
मेडागास्कर में होता है ऐसा अजीबोगरीब अनुष्ठान मेडागास्कर के मालगासी लोगों की कब्रों को पांच या सात साल में खोद दिया जाता है. इसके बाद उससे लोग अपने रिश्तेदारों के शवों के अवशेष को निकालते हैं. इस अनुष्ठान को 'फमादिहाना' कहा जाता है. लोग फ़मादिहाना नामक अनुष्ठान के तहत कब्रों को खोदकर अवशेषों को निकालते हैं. फिर उसमें से निकले हड्डियों को मोड़ते हैं. यह भी इस रिवाज का एक हिस्सा होता है.
कब्र खोदकर निकालते हैं रिश्तेदारों के शव लोग अपने पूर्वजों की हड्डियों को खोदकर बाहर निकलते हैं. फिर उन्हें सावधानी से साफ करते हैं और उन्हें एक साफ कपड़े में लपेटते हैं. वे कपड़े पर मृतक का नाम लिख देते हैं, ताकि उसे भुलाया न जाए. फिर अनुष्ठान का महत्वपूर्ण हिस्सा आता है. साफ कपड़ों में शवों के अवशेष को लपेटकर लोग अपने सिर के ऊपर उठाते हैं और हड्डियों को वापस उनके स्थान पर रखने से पहले कब्र के चारों ओर घूम-घूमकर सात बार लाइव संगीत पर नृत्य करते हैं.
इस उत्सव का नाम है फमादिहाना यहां के लोग फ़मादिहाना को एक आनंददायक उत्सव के रूप में मनाते हैं. पूरा परिवार अपने मृतकों को सम्मानित करने के लिए दूर-दूर से यात्रा करके गांव पहुंचता है. इस मौके पर दूसरे गांवों के पड़ोसियों और दोस्तों को भी आमंत्रित किया जाता है. सभी एक साथ नाचने, खाने और पीने के लिए तैयार होते हैं. मालगासी लोगों का मानना है कि अगर उनके मृतकों की अच्छी तरह से देखभाल की जाती है, तो उन्हें अगली दुनिया में शांति मिलेगी और वे अपनी संतानों की मदद करेंगे.

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