
'पहलवानों को पहले ही दर्ज करानी चाहिए थी शिकायत, अब... ', खिलाड़ियों के धरने पर बोले योगेश्वर दत्त
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ओलंपिक पदक विजेता योगेश्वर दत्त ने पहलवानों के विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रतिक्रिया दी है. दत्त ने कहा कि अब पुलिस में एफआईआर दर्ज हो गई है और कानून अपने हिसाब से काम करेगा. उन्होंने बताया कि पहलवानों को उन्होंने पहले ही पुलिस के पास जाने की सलाह दी थी.
राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर पहलवानों का धरना 8वें दिन भी जारी है. विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक जैसे पहलवान इस धरने की अगुवाई कर रहे हैं. कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह पर पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद उनके खिलाफ दो एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, लेकिन पहलवान बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी पर अड़े हुए हैं. इस बीच खिलाड़ियों के धरने प्रदर्शन को लेकर ओलंपिक पदक विजेता योगेश्वर दत्त का बयान सामने आया है.
योगेश्वर दत्त पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच करने वाली समिति के सदस्य भी रहे हैं. उन्होंने कहा '...पुलिस तभी कार्रवाई करेगी जब आप उन्हें इसकी सूचना देंगे. अगर कोई घर पर बैठता है तो वह ऐसा नहीं करेगी. योगेश्वर दत्त ने कहा कि पहलवानों को 3 महीने पहले ऐसा करना चाहिए था, मैंने पहले भी कहा था कि अगर वे कार्रवाई चाहते हैं, तो उन्हें इसकी सूचना पुलिस को देनी चाहिए...'
योगेश्वर दत्त ने कहा, 'पुलिस एक्शन तभी लेगी जब आप रिपोर्ट करेंगे. ये बात मैंने पहलवानों को पहले भी बोली थी कि पुलिस रिपोर्ट कर देनी चाहिए, न्याय तो कोर्ट से ही मिलेगा. दो कमेटी भी बनाई गई थी जिसमें एक खेल मंत्रालय ने बनाई थी दूसरी खेल मंत्रालय ने बनाई थी. कमेटी किसी को दोषी या निर्दोष साबित नहीं कर सकती है और ना ही कमेटी के पास ये पावर है.पावर तो केवल कोर्ट के पास है दोषी और निर्दोष साबित करने का.कमेटी का तो केवल इतना काम है कि वो दोनों पक्षों की बात सुने और आगे रिपोर्ट सबमिट कर दे.'
योगेश्वर दत्त ने कहा,'अब कमेटी की जांच को तो कोई महत्व नहीं होगा शायद क्योंकि कोर्ट के पास केस चले गया है. ये सच है कि खेल मंत्री के घर के अंदर 2-3 दिन पहलवान 5-6 घंटे लगातार रहे हैं और घर के बाहर मीडिया खड़ी रहती ही है. अब अंदर किसे कितना समय मिला ये मुझे नहीं पता. पुलिस रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है..अब पहलवानों का क्या निर्णय होगा, या उनके मन में क्या है? ये मुझे नहीं पता..अब तो वैसे एफआईआर दर्ज हो चुकी है आगे का काम कोर्ट करेगा. अब पहलवानों को अपनी प्रैक्टिस पर ध्यान देना चाहिए.'
वहीं पहलवानों के धरने को समर्थन देने के लिए भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद भी जंतर-मंतर पहुंचे हैं. आजाद ने कहा, 'ये लड़ाई पार्टी, जाति या धर्म की नहीं है बल्कि यह लड़ाई इंसाफ की है.सरकार कह रही है कि ये जाट आंदोलन है. आज सरकार प्रदर्शन को धर्म के चश्मे से देख रही है.'
बृजभूषण सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा, 'पुलिस ने कहा कि विरोध करना है तो सड़क पर सो जाओ. आज उन पर यह कैसा दबाव आ गया है, ऐसी कोई समस्या पहले नहीं थी, यह FIR केवल सुप्रीम कोर्ट के दबाव के कारण हुई है. हमने कुछ सामान मंगवाया था लेकिन वे (पुलिस) हमें यहां लाने नहीं दे रहे हैं और सामान लाने वाले को पीट-पीट कर भगा रहे हैं. जब तक न्याय नहीं मिलता, हम विरोध करेंगे, पुलिस प्रशासन हमें कितना भी प्रताड़ित करे.'

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