
पश्चिम बंगाल की बड़ी जीत: सुप्रीम कोर्ट ने दिया फिर से मनरेगा शुरू करने का आदेश, केंद्र की अर्जी खारिज
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सर्दी अभी शुरू भी नहीं हुई और नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को चेतावनी दे दी है. 2019 से 2023 के बीच ठंड से हुई 3,600 से ज्यादा मौतों के आंकड़े सामने आने के बाद आयोग ने कहा है कि इस बार किसी की जान लापरवाही की वजह से नहीं जानी चाहिए. आयोग ने नवजातों, बच्चों, बुजुर्गों और बेघर लोगों के लिए ठंड से बचाव के ठोस इंतज़ाम करने को कहा है.
पश्चिम बंगाल सरकार के लिए सोमवार का दिन बड़ी जीत लेकर आया. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उसने कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी. हाई कोर्ट ने राज्य में मनरेगा (MGNREGA) यानी 100 दिन के रोजगार गारंटी योजना को तीन साल बाद दोबारा शुरू करने का निर्देश दिया था.
क्या है मनरेगा?
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) साल 2006 में यूपीए सरकार के दौरान शुरू हुई थी. इसका मकसद ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को साल में कम से कम 100 दिन का मजदूरी वाला रोजगार देना है ताकि उनकी जीविका सुरक्षित रहे.
तीन साल से बंद थी योजना
केंद्र सरकार ने मार्च 2022 में पश्चिम बंगाल में मनरेगा के फंड जारी करना बंद कर दिया था. केंद्र का आरोप था कि योजना में भ्रष्टाचार हुआ है. अब सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट के 18 जून के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा है कि केंद्र सरकार को एक अगस्त से पश्चिम बंगाल में यह योजना दोबारा लागू करनी होगी.
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि जहां भ्रष्टाचार के आरोप हैं, उन मामलों की जांच होनी चाहिए, लेकिन इसके चलते योजना को बंद नहीं किया जा सकता.

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