
परिवार की परंपरागत सीट, अमेठी के मुकाबले सुरक्षित... रायबरेली से क्यों उतरे राहुल गांधी? 5 पॉइंट में समझिए
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राहुल गांधी इस बार अमेठी की जगह रायबरेली सीट से क्यों चुनाव लड़ रहे हैं, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं. पूर्व अध्यक्ष को रायबरेली सीट से उतारने के पीछे की रणनीति पांच पॉइंट में समझिए.
यूपी की हाईप्रोफाइल अमेठी और रायबरेली लोकसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवारों ने नामांकन कर दिया है. सोनिया गांधी के सांसद प्रतिनिधि रहे किशोरी लाल शर्मा ने अमेठी और राहुल गांधी ने रायबरेली लोकसभा सीट से पर्चा भर दिया है. राहुल गांधी पहली बार रायबरेली सीट से चुनाव मैदान में हैं. 2004 से 2019 के चुनाव तक राहुल अमेठी सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते आए हैं. वह इस सीट से तीन बार सांसद रहे और पिछले चुनाव में उन्हें यहां हार का सामना करना पड़ा था.
कांग्रेस ने राहुल गांधी को इस बार रायबरेली सीट से उतारा है. राहुल गांधी के अमेठी से चुनाव नहीं लड़ने पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की उम्मीदवार स्मृति ईरानी ने गांधी परिवार पर हमला बोला है. स्मृति ने कहा कि अमेठी से गांधी परिवार का न लड़ना संकेत है कि चुनाव से पहले बिना वोट पड़े ही कांग्रेस ने अपनी हार मान ली है. यहां जीत की कोई भी गुंजाइश होती तो वह (राहुल गांधी) अपने प्रॉक्सी को नहीं लड़ाते.
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी तंज करते हुए कहा कि कुछ समय पहले राहुल गांधी कहते थे 'डरो मत, डरो मत'. अब अमेठी से वायनाड और वायनाड से लेकर रायबरेली तक, हार के प्रति उनका डर उन्हें हर जगह ले जा रहा है. राहुल की रायबरेली से उम्मीदवारी को बीजेपी अमेठी में हार मानने की तरह बता रही है तो वहीं कांग्रेस के नेता इसे पार्टी की रणनीति. चर्चा का हॉट टॉपिक ये है कि राहुल ने अपनी सीट अमेठी छोड़कर रायबरेली से क्यों उतरे?
गांधी परिवार की परंपरागत सीट
रायबरेली सीट नेहरू-गांधी परिवार की परंपरागत सीट रही है. इस सीट से फिरोज गांधी से लेकर इंदिरा गांधी, अरुण नेहरू और सोनिया गांधी तक संसद पहुंचते रहे हैं. अब सोनिया गांधी राजस्थान से राज्यसभा जा चुकी हैं और परिवार के इस गढ़ से परिवार के ही किसी सदस्य को चुनाव लड़ाने की मांग स्थानीय स्तर पर तेजी से उठ रही थी.
सोनिया गांधी ने राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद रायबरेली की जनता के नाम भावु्क चिट्ठी लिखकर ये संदेश भी दे दिए थे कि इस सीट से गांधी परिवार का ही कोई सदस्य चुनाव मैदान में उतरेगा. यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने भी कहा था कि इस सीट से परिवार का ही कोई उतरेगा. इसके पीछे बड़ी वजह विरासत की इस सीट से गांधी परिवार का भावनात्मक जुड़ाव भी है.

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