
पत्नी हेजल की मदद से पिता का दिया दर्द भूले युवराज सिंह, बच्चों संग बेहतर हुआ रिश्ता
AajTak
युवराज सिंह ने अपने कठिन बचपन, मां के संघर्ष और पत्नी हेजल कीच के साथ अपने रिश्ते पर खुलकर बात की. युवराज ने कहा कि कैसे पत्नी हेजल ने उनके बचपन के दर्द को भुलाने में उनकी मदद की. वो अपने बच्चों के साथ भी झिझकते थे, पत्नी ने वहां भी रिश्ता सुधारने में साथ दिया.
जो लोग क्रिकेटर युवराज सिंह को फॉलो करते हैं, वो जानते हैं कि उनका बचपन बिल्कुल सामान्य नहीं बीता. उनके माता-पिता योगराज सिंह और शबनम सिंह का बहुत जल्दी सेपरेशन हो गया था और उनके पिता बेहद सख्त थे. युवराज खुद कहते हैं कि- उन्होंने मुझे क्रिकेट के अलावा कुछ भी खेलने की इजाजत नहीं दी.
‘मेरी मां ने बहुत दुख झेला’
इस सख्त अनुशासन ने जहां युवराज को एक बेहतरीन क्रिकेटर बनाया, वहीं उनके अंदर यह चाह भी पैदा की कि वह अपने बच्चों के लिए वैसे पिता बनें, जैसे उन्हें खुद कभी नहीं मिले. हाल ही में सानिया मिर्जा से बातचीत में युवराज ने अपने परिवार के संघर्षों के बारे में खुलकर बात की, खासतौर पर अपनी मां की मुश्किलों को लेकर.
युवराज ने कहा- मैंने अपनी मां को बहुत दुख झेलते देखा है. मैं इस बारे में ज्यादा विस्तार में नहीं जाऊंगा कि क्या हुआ और क्यों हुआ, लेकिन वह अपने माता-पिता के साथ रह रही थीं. जिस दिन मुझे अपना पहला चेक मिला, वह पल बेहद खास था. पहली बार मुझे यह एहसास हुआ कि मैं उस महिला के लिए कुछ कर पा रहा हूं, जिसने इतने सालों तक मेरी रक्षा की. उन्हें कुछ वापस देने का मौका मिला और एक ऐसा घर, जिसे वह अपना कह सकें.
हेजल ने बेहतर किया रिश्ता
पिता बनने पर बात करते हुए युवराज ने अपनी पत्नी, एक्ट्रेस हेजल कीच को पूरा श्रेय दिया. उन्होंने कहा- मेरे बच्चों के साथ मेरा रिश्ता बहुत अच्छा है और इसका पूरा श्रेय हेजल को जाता है. जब बच्चे पैदा हुए थे, तो मैं डायपर बदलने या दूध पिलाने में झिझकता था. लेकिन हेज़ल ने मुझे समझाया कि ऐसा करने से बच्चों के साथ रिश्ता और मजबूत होगा. वह बिल्कुल सही थी. आज हाल यह है कि अगर मैं एक महीने तक बच्चों से नहीं मिल पाता, तब भी हम रोज बात करते हैं. वे मुझे मिस करते हैं और मैं उन्हें.













