
पटना पहुंचते ही गरजे आरसीपी सिंह, कहा- मुझे कोई क्या धोखा देगा, खुद बनाई पहचान
AajTak
जेडीयू नेता आरसीपी सिंह मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद जब पटना पहुंचे तो विरोधियों पर जमकर बरसे. उन्होंने कहा कि मुझे क्या कोई धोखा देगा. मैंने अपनी ताक़त से अपनी अलग पहचान बनाई है.
बिहार की सियासत में इन दिनों पूर्व राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह चर्चा का केंद्र बने हुए हैं. आरसीपी सिंह ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के बाद पहली बार अपना मुंह खोला है. आरसीपी सिंह बिहार पहुंचे और पटना एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्होंने विरोधियों पर जमकर निशाना साधा.
उनसे पत्रकारों ने पूछा कि क्या आपको पार्टी ने धोखा दिया, उसकी वजह से आपने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया. इसपर पलटकर आरसीपी ने कहा कि मुझे क्या कोई धोखा देगा. मैंने अपनी ताकत से अपनी अलग पहचान बनाई है. उन्होंने साफ कहा कि मुझे पहचान का कोई संकट नही है. मेरे अंदर काफी आत्मविश्वास है.
उन्होंने कहा, मुझे अभी बहुत कुछ करना है. उन्होंने कहा कि मैंने अपने परिश्रम से अपनी ताक़त से अपनी पहचान बनाई है. उन्होंने गरजते हुए कहा कि मुझमें काफ़ी ऊर्जा और सकारात्मक सोच है. इसी वजह अपनी पहचान बनाई है.
आरसीपी ने अलग पार्टी बनाने के मसले पर दो टूक बोलते हुए कहा कि मैं सीधा आदमी हूं और सीधा चलता हूं, अब तो मैं ज़मीन पर आ गया हूं. अभी मैं अपने कार्यकर्ताओं से बात करूंगा, जानकारी लूंगा और उसके बाद फैसला लूंगा कि क्या करना है.
उन्होंने कहा, मैं पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करूंगा. बैठूंगा और उसके बाद उनसे कई मुद्दों पर चर्चा करूंगा. उन्होंने कहा कि जहां मुझे कार्यकर्ता बुलाएंगे वहां चला जाउंगा. उन्होंने बीजेपी में शामिल होने के मसले पर जवाब देते हुए कहा कि दो दिन पहले खबर किस कदर चलाई गई है. मैं ये समझता हूं. मैं एनडीए का नेता हूं. तेलंगाना गया, तो उन्होंने मुझे सम्मानित किया जिसे गलत तरीके से पेश किया गया.
जदयू के अंदर खुद के समर्थकों के टारगेट किये जाने की बात पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इस संबंध में मैं पार्टी कार्यकर्ताओं से विशेष तौर से बात करूंगा. उधर, आरसीपी के पटना आते ही जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने तंज कसते हुए कहा है कि वो आ गए हैं. जदयू के कार्यकर्ता हैं और कार्यकर्ता के रूप में काम करेंगे. वह किस रूप में काम करेंगे मैं नहीं जानता हूं. यह तो पार्टी का आलाकमान फैसला करेगा.

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर में वन तस्करी की शिकायत पर कार्रवाई करने गई वन विभाग की टीम पर फायरिंग का मामला सामने आया है. जब टीम जंगल में छापेमारी कर रही थी, तभी आरोपी ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी. इस घटना से वन विभाग के अधिकारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं. मौके पर मौजूद लाइव कैमरों ने पूरी मुठभेड़ रिकॉर्ड कर ली, जिसमें आरोपी का हमला स्पष्ट दिख रहा है.

यादव जी लव स्टोरी फिल्म 27 फरवरी को रिलीज़ होने वाली है. यादव समाज ने साफ चेतावनी दी है कि वे इस फिल्म को किसी भी सिनेमाघर में रिलीज नहीं होने देंगे. इस मामले में संभल में FIR भी दर्ज कराई गई है, जिसमें फिल्म के निर्माता, निर्देशक, तथा मुख्य कलाकारों के नाम भी शामिल हैं. इस विवाद ने फिल्म की रिलीज़ पर सवाल खड़ा कर दिया है. इसमें ऐसा क्या हैं, जो शहर-शहर मचा हुआ है बवाल, देखें.

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बीच विवाद बढ़ गया है. अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने योगी सरकार को 40 दिनों का अल्टीमेटम दिया था. अब तक 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने अपनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं किया और हिंदू विरोधी प्रवृत्ति दिखाई है. उन्होंने यह आरोप एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाया और इसे तीखे तेवर के साथ प्रस्तुत किया.

हाल में पाकिस्तानी के खिलाड़ियों का एक वीडियो वायरल हुआ , जहां वो कह रहे थे कि उनको ऑस्ट्रेलिया में बर्तन धोने पड़े. इस घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (PHF) के अध्यक्ष तारिक बुगती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. लेकिन इस मामले में पाकिस्तानी टीम के खिलाड़ियों को वीडियो क्यों डिलीट करना पड़ा, इसकी वजह सामने आ गई है.

MP विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को उस समय मर्यादाएं तार-तार हो गईं, जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस ने अपमानजनक मोड़ ले लिया. सदन में इस्तेमाल किए गए असंसदीय शब्दों के कारण न केवल कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, बल्कि मुख्यमंत्री को भी मोर्चा संभालना पड़ा.








