
पंजाब में कांग्रेस नेता प्रताप बाजवा के खिलाफ AAP का राज्यव्यापी प्रदर्शन, जातिवादी मानसिकता का लगाया आरोप
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AAP पंजाब ने कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा की हाल में किए गए एक टिप्पणी के विरोध में राज्यभर में प्रदर्शन किए. AAP का आरोप है कि यह बयान कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ही नहीं, बल्कि दलित समुदाय और मेहनतकश वर्ग का अपमान है. पार्टी ने बाजवा और कांग्रेस नेतृत्व से सार्वजनिक माफी की मांग की है.
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने शुक्रवार को कांग्रेसी नेता और विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा द्वारा पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. के खिलाफ की गई टिप्पणियों के विरोध में पूरे राज्य में जोरदार प्रदर्शन किए. पार्टी ने कहा कि यह सिर्फ एक मंत्री का ही नहीं, बल्कि समूचे दलित समुदाय और अपनी रोजी-रोटी इज्जत से कमाने वाले मेहनतकश लोगों और मजदूरों का अपमान है.
इन प्रदर्शनों में AAP नेताओं, मंत्रियों, विधायकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया. प्रदर्शनकारियों ने "दलित-विरोधी कांग्रेस मुर्दाबाद" और "बाजवा मुर्दाबाद" के नारे लगाए और मांग की कि बाजवा और कांग्रेस नेतृत्व दलित समुदाय और सभी मेहनतकश लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे.
AAP पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने दावा किया कि कांग्रेस की दलित विरोधी मानसिकता एक बार फिर पंजाब के लोगों के सामने बेनकाब हो गई है. पन्नू ने चेतावनी दी कि पार्टी राज्य में किसी को भी दलितों को नीचा दिखाने या श्रमिक वर्ग के लोगों की इज्जत को ठेस पहुंचाने की इजाजत नहीं देगी.
बलतेज पन्नू ने कहा कि बाजवा की भाषा कांग्रेस पार्टी की दलितों के प्रति गहरी नफरत और हाशिए पर पड़े समुदायों को राजनीतिक अहंकार के कारण अपमानित करने के पुराने इतिहास को साफ दर्शाती है. उन्होंने कहा कि जहां AAP शासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और जनकल्याण में विश्वास रखती है, वहीं बाजवा जैसे कांग्रेसी नेता अभी भी उसी सामंती और जातिवादी मानसिकता में फंसे हुए हैं जिसे पंजाब बार-बार नकार चुका है.
बलतेज पन्नू ने कहा कि बाजवा की टिप्पणी पंजाब के उन मेहनतकश लोगों का भी सीधा अपमान है, खासकर बैंड-बाजा बजाने वाले कलाकारों, दिहाड़ीदार मजदूरों और अन्य कलाकारों का, जो शादियों, धार्मिक समारोहों और सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान अथक मेहनत करते हैं.
बलतेज पन्नू ने कांग्रेस हाईकमान को चुनौती दी कि वे साफ करें कि क्या प्रताप बाजवा की जातिवादी भाषा पार्टी की आधिकारिक सोच है? क्या कांग्रेस बाजवा की अपमानजनक टिप्पणियों के साथ खड़ी है? क्या कांग्रेस अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता सार्वजनिक रूप से उनकी निंदा करेंगे, या वे फिर से चुप रहेंगे, जैसा कि वे हमेशा दलितों पर हमले या अपमान के समय करते आए हैं? बलतेज पन्नू ने कहा कि कांग्रेस की चुप्पी ही साबित करती है कि बाजवा का बयान निजी गलती नहीं थी, बल्कि कांग्रेस पार्टी का असली चेहरा और मानसिकता है.

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