
नैनीताल सड़क हादसे में एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत, एक साथ जली चिताएं
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शुक्रवार की सुबह नैनीताल के ओखल कांडा क्षेत्र में एक कैंपर (गाड़ी) दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इसमें 9 लोगों की मौत हो गई. हादसे की सूचना मिलते ही तत्काल ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर सभी शवों को खाई से बाहर निकाला. मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. डीएम का कहना है कि मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए मुआवजा दी जाएगी.
उत्तराखंड के नैनीताल में शुक्रवार सुबह भीषण सड़क हादसे में नौ लोगों ने जान गवा दी. सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर एक-एक कर सभी शवों को खाई से बाहर निकला. वहीं, इस हादसे में घायल एक बच्चे को इलाज के लिए हल्द्वानी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वह जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है.
जानकारी के मुताबिक, ओखलकांडा ब्लॉक के छीड़ाखान-रीठासाहिब मार्ग पर शुक्रवार को एक कैंपर अनियंत्रित होकर 500 मीटर गहरी खाई में गिर गया. इस दुर्घटना में 9 लोगों की मौत हो गई. हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. इसमें 9 साल का एक बच्चा गंभीर रूप से घायल है. उसका इलाज हल्द्वानी के सुशीला तिवारी हॉस्पिटल में चल रहा है. डीएम वंदना सिंह ने हॉस्पिटल जाकर बच्चे का हाल जाना है.
घटना को लेकर डीएम ने दिए जांच के निर्देश
हादसे में मृतकों के शवों का अंतिम संस्कार रविवार को गांव में ही किया गया है. इस दौरान गांव में काफी गमगीन माहौल था. चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ था. पहाड़ियों के बीच एक साथ शवों का अंतिम संस्कार किया गया. इसमें भारी संख्या में ग्रामीण और प्रशासन के लोग मौजूद रहे. इस घटना को लेकर डीएम ने जांच के निर्देश दिए हैं. वहीं, हादसे के बाद ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधि का जमकर विरोध किया.
मामले में डीएम ने कही ये बात
डीएम वंदना सिंह ने बताया कि फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायल बच्चे को बेहतर से बेहतर इलाज मिले और वह पूरी तरह से स्वस्थ हो इस पर ध्यान है. मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री द्वारा दो-दो लाख रुपए मुआवजा दिए जाने की घोषणा की गई है. साथ ही जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष से भी आर्थिक सहायता दिए जाने की भी मांग की जाएगी.

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