
नीदरलैंड का पीएम बनने जा रहे हैं ग्रीट विल्डर्स! खुलकर किया था नुपुर शर्मा का समर्थन
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धुर दक्षिणपंथी, इस्लाम विरोधी गीर्ट विल्डर्स की पार्टी के नीदरलैंड के संसदीय चुनाव में भारी जीत के अनुमान लगाए जा रहे है. यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से डच राजनीति में सबसे बड़े राजनीतिक उलटफेरों में से एक माना जा रहा है. विल्डर्स ने खुलकर नूपुर शर्मा का समर्थन किया था.
धुर दक्षिणपंथी और इस्लाम विरोधी राजनेता गीर्ट विल्डर्स नीदरलैंड के अगले प्रधानमंत्री हो सकते हैं. एग्जिट पोल्स के मुताबिक, डच संसदीय चुनावों में उनकी पार्टी फॉर फ्रीडम (पीवीवी) पार्टी को सबसे अधिक सीटें मिलने का दावा किया गया है. इन नतीजों का यूरोप पर गहरा प्रभाव पड़ने की संभावना है. विल्डर्स इस्लाम को लेकर अपनी तीखी आलोचना और कठोर आप्रवासन नीतियों के कारण कई बार सुर्खियों में बने रहते हैं.
यूरोप की राजनीति पर पड़ेगा गहरा असर
पोललिटिको की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लाम विरोधी ग्रीट की जीत नीदरलैंड की राजनीति ही नहीं बल्कि यूरोपीय राजनीति को भी हिलाकर रख देगी. एक एग्जिट पोल में सामने आया है कि गीर्ट विल्डर्स की पार्टी फॉर फ्रीडम (PVV) इस चुनाव में सबसे आगे रहेगी. एग्जिट पोल्स में उनकी पार्टी PVV सभी पार्टियों को मात देते हुए 150 में से सबसे ज्यादा 35 सीटें जीत रही है. पिछली बार उनकी पार्टी को महज 17 सीटें मिली थीं.
PVV के बाद फ्रैंस टिमरमैंस की लेबर पार्टी और ग्रीन लेफ्ट के लेफ्ट गठबंधन को 25 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है. अगर एग्जिट पोल्स के रूझान नतीजों में तब्दील होते हैं तो पीवीवी सबसे बड़ी पार्टी होगी और विल्डर्स इसकी अगुवाई कर करेंगे. हालांकि सरकार बनाने के लिए उन्हें और दलों को भी साथ लेने की जरूरत पड़ेगी क्योंकि बहुमत का आंकड़ा 76 सीटों का है.
बहुमत साबित करने में आएंगी मुश्किलें
गीर्ट विल्डर्स की विवादास्पद छवि को देखते हुए ये सवाल भी उठ रहे हैं कि कैसे वह सरकार बनाने के लिए दूसरे नेताओं को मना पाएंगे.अपने चुनाव प्रचार के दौरान भी वो इस्लाम विरोधी बयान देते रहे हैं. देश की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद विल्डर्स को संसद में बहुमत साबित करने के लिए मुश्किलें पेश आ सकती हैं.

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