
नीतीश कुमार ने राज्यसभा की ओर बढ़ाए कदम... बिहार राजनीति में एक युक का अंत
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बिहार की राजनीति में एक युग के अंत की आहट है. लगभग दो दशकों तक राज्य की राजनीति का चेहरा रहे नीतीश कुमार ने 5 मार्च को पटना में राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया. 16 मार्च को मतदान के बाद उनके मुख्यमंत्री पद छोड़ने की अटकलें तेज हैं.
बिहार की राजनीति में एक युग का अंत हो गया है. लगभग दो दशकों तक नीतीश कुमार बिहार सरकार का वास्तविक चेहरा रहे हैं. अब वह राज्यसभा की ओर अग्रसर हैं. नीतीश कुमार ने 5 मार्च को पटना में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल किया. बिहार की 5 रिक्त राज्यसभा सीटों के लिए मतदान 16 मार्च को होना है, जिसके बाद इस अनुभवी नेता के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की संभावना है.
नीतीश कुमार भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्रियों में से एक हैं. बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में उनकी राजनीतिक यात्रा मार्च 2000 में 7 दिनों के संक्षिप्त कार्यकाल से शुरू हुई. उन्होंने नवंबर 2005 में पदभार संभाला, जो एक स्थिर नेतृत्व के दौर की शुरुआत थी जिसने राज्य में राष्ट्रीय जनता दल के 15 वर्षों के वर्चस्व को समाप्त कर दिया. हालांकि, वह अब भी सिक्किम के पवन कुमार चामलिंग (लगभग 24 वर्ष), ओडिशा के नवीन पटनायक (लगभग 24 वर्ष) और पश्चिम बंगाल के ज्योति बसु (लगभग 23 वर्ष) जैसे नेताओं से पीछे हैं.
अन्य लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्रियों में गेगोंग अपांग (अरुणाचल प्रदेश, लगभग 22 वर्ष) और लाल थानहवला (मिजोरम, लगभग 22 वर्ष) शामिल हैं. नीतीश कुमार का कार्यकाल एम. करुणानिधि और प्रकाश सिंह बादल जैसे नेताओं के कार्यकाल से लंबा है, जिन्होंने क्रमशः तमिलनाडु और पंजाब में 18 वर्षों से अधिक समय तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया. बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में रिकॉर्ड 10वें कार्यकाल के लिए शपथ लेने के महज चार महीने बाद राज्यसभा में जाने के उनके फैसले ने इस बात की अटकलें शुरू कर दी हैं कि बिहार में शीर्ष पद कौन संभालेगा?
भारतीय जनता पार्टी के भीतर, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है. खबरों में यह भी कहा गया है कि भाजपा नेतृत्व उत्तराधिकारी की घोषणा करने से पहले आंतरिक विचार-विमर्श कर रहा है. नेतृत्व परिवर्तन की संभावना को लेकर चल रही राजनीतिक हलचल ने सत्ताधारी गठबंधन के भीतर भी हलचल बढ़ा दी है. इसी बीच, इन राजनीतिक घटनाक्रमों ने जनता दल (यूनाइटेड) के भीतर भी तनाव पैदा कर दिया.

आज सबसे पहले हम आपको वो तस्वीर दिखाएंगे. जो मुंद्रा पोर्ट से आई है. यहां स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गरजती मिसाइल और बरसते ड्रोन्स के बीच से चलकर LPG गैस से भरा शिवालिक जहाज भारत आ गया है. इसमें इतनी गैस है जिससे 32 लाख 40 हजार LPG गैस सिलिंडर भरे जा सकते हैं. लगभग इतनी ही गैस लेकर एक और जहाज. नंदा देवी कल सुबह भारत पहुंच जाएगा. इसके बाद आपको इजरायल-अमेरिका और ईरान के युद्ध के 17वें दिन का हर अपडेट बताएंगे. जंग में पहली बार ईरान ने सेजिल मिसाइल दागी. ये मिसाइल बेहद खतरनाक है, इसके जरिए ईरान अपने देश के किसी भी हिस्से से पूरे इजरायल को निशाना बना सकता है. इस सबके बीच UAE में तेल डिपो में आग लगने के साथ ही दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हमला हुआ.

दिल्ली एम्स ने 31 वर्षीय हरीश राणा के लिए पैसिव यूथेनेशिया प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस के लिए हरीश को शनिवार को गाजियाबाद स्थित आवास से एम्स के डॉ. बीआर अंबेडकर संस्थान रोटरी कैंसर अस्पताल की पैलिएटिव केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया है, जहां धीरे-धीरे हरीश के लाफ सपोर्ट सिस्टम को वापस लिया जाएगा, ताकि शरीर स्वाभाविक रूप से शांत हो जाए.

महायुद्ध सत्रह दिन से जारी है. मैं श्वेता सिंह इस वक्त इजरायल की राजधानी तेल अवीव में हूं. जहां आज भी ईरान की तरफ से मिसाइल से हमला किया जाता रहा. पश्चिम एशिया में युद्ध कब तक चलेगा इस सवाल पर इजरायल ने बड़ी बात कही है. दावा किया कि उसने कम से कम 3 हफ्ते तक युद्ध जारी रखने की योजना बनाई है. अमेरिका और इज़राइल के बीच ईरान पर युद्ध तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर गया है, जिससे तेल की कीमतों पर असर पड़ रहा है. पिछले 15 दिनों में ईरान पर भारी बमबारी हुई है. लेकिन उसने हथियार नहीं डाले हैं, इसके बाद इजरायल कह रहा है कि उसकी योजना अगले 3 हफ्तों तक युद्द जारी रखने की है.

चंद्रपुर में एक बाघ के सड़क पार करने के दौरान लोगों की लापरवाही सामने आई. राहगीरों ने अपनी गाड़ियां रोककर बाघ को घेर लिया और उसके बेहद करीब जाकर सेल्फी और वीडियो बनाने लगे. यह घटना दुर्गापुर-मोहुर्ली रोड की है, जो ताडोबा टाइगर रिजर्व के पास है. वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग कार्रवाई की तैयारी कर रहा है.

युद्ध के मोर्चे पर ये समझ में नहीं आ रहा है कि इस युद्ध में जीत कौन रहा है. जिस ईरान को समझा जा रहा है कि सुप्रीम लीडर के मारे जाने के बाद वो सरेंडर कर देगा. वो कहीं से भी पीछे हटता नहीं दिख रहा है. बल्कि ईरान तो और ज्यादा अग्रेसिव हो गया है. और इजरायल के अलावा उसने यूएई का बुरा हाल किया हुआ है. दुबई को तो ईरान ने धुआं धुआं कर दिया. दुबई का हाल ये है कि उसकी ग्लोबल कैपिटल वाली इमेज को ईरान के हालिया हमलों से बहुत बड़ा डेंट लगा है.

पश्चिम एशिया में जंग से तेल और गैस की किल्लत की आशंका के बीच भारत के लिए अच्छी खबर है. भारतीय जहाज शिवालिक कतर से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस लेकर भारत आ गया है, एलपीजी से लदा भारतीय जहाज शिवालिक गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा है. ये जहाज लगभग 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर आया है, एक घरेलू सिलेंडर में लगभग 14.2 किलोग्राम LPG भरी जाती है. इस तरह से 46 हजार मीट्रिक टन में 32.4 लाख घरेलू सिलेंडर भरे जा सकते हैं. बता दें कि 14 मार्च को ईरान ने शिवालिक को हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दी थी. वहीं, जहाज नंदा देवी और जग लाडकी कल तक भारत पहुंच सकता है. नंदा देवी जहाज पर भी 46,000 टन LPG लदा है.

युद्ध के बीच भारत का शिवालिक जहाज मुंद्रा पोर्ट पहुंचा है. 45 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर शिवालिक पहुंचा है. कल नंदा देवी जहाज भी LPG की सप्लाई लेकर पहुंच रहा है. ईरान से अमेरिका-इजरायल के युद्ध का तीसरा हफ्ता शुरू हो चुका है. ईरान के खिलाफ इस युद्ध में प्रलय की स्थिति तो है लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप कहीं से भी निर्णायक भूमिका में नजर नहीं आ रहे. होर्मुज का समंदर न सिर्फ ट्रंप के लिए सैन्य चुनौती बन गया है, बल्कि कूटनीतिक झटके भी उन्हें मिलते दिख रहे हैं.






