
ना टिकट, ना फोन, कोटा से ट्रेन में चढ़ा लापता NEET का छात्र, आखिरी स्टेशन पर खुली आंख तो...
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कोटा में नीट की तैयारी कर रहे एक छात्र ने कोटा से बिना टिकट और फोने के ट्रेन पकड़ी और वे मथुरा रेलवे स्टेशन पहुंच गया. कोटा से लापता हुए इस छात्र को परिजनों तक पहुंचा दिया गया है. आइए जानते हैं पूरा मामला.
Kota Missing Student Found in Mathura: कोटा में शुक्रवार रात को लापता हुए छात्र को पुलिस ने छह घंटों में ढूढ़ निकाला. दरअसल, शुक्रवार की रात 2 बजे करीब कोटा से एक छात्र के लापता होने की खबर कोटा के कुन्हाड़ी थाना में आई थी. जिसके बाद पुलिस तुरंत एक्शन में आई और जांच पड़ताल शुरू कर दी.
छात्र के लापता होने की सूचना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद छात्र को यूपी के मथुरा रेलवे स्टेशन से दस्तयाब किया गया. कोचिंग छात्र ने किसी अन्य मोबाइल से अपने पिता को कॉल किया था, जिसके बाद मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की गई और पुलिस ने छात्र को मथुरा जीआरपी की मदद से पकड़ लिया. छात्र की उम्र 19 साल है और वे सौरभकुमार झारखंड का निवासी है. छात्र कोटा में रहकर नीट की तैयारी कर रहा है. लापता होने से पहले वे हॉस्टल के कमरे का ताला भी नहीं लगा कर गया था और मोबाइल फोन भी कमरे में ही छोड़कर गया था.
बिना टिकट ट्रेन में चढ़ा था छात्र
पुलिस ने छात्र के परिजनों से बात करके उसे घर भिजवाया है. बताया जा रहा है कि छात्र काफी स्ट्रेस में था. छात्र ने पिता को बताया कि उसका पढ़ाई में मन नहीं लग रहा था, इसलिए घूमने निकल गया था, पर वह काफी स्ट्रेस में था. छात्र को यह नहीं पता था कि उसको कहां जाना है. कोटा स्टेशन पर पहुंचकर उसे जो ट्रेन मिली वो उसमें चढ़ गया और मथुरा पहुंच गया. जब ट्रेन लास्ट स्टॉपेज पर रुकी तो रेलवे कर्मचारियों ने उठाया तो उसे पता चला कि वह मथुरा में है. इसके बाद छात्र के परिजनों को कॉल किया गया. छात्र के पिता ने बताया कि रेलवे कर्मचारियों ने छात्र को उठाया था और नंबर मांगकर मुझे कॉल किया था, फिर मैंने कोटा पुलिस को सूचना दी. कोटा पुलिस वहां पहुंची, मैं बेटे को अब घर ले आया हूं और अब वह बिल्कुल स्वस्थ है.
कोटा के कुन्हाड़ी थाना अधिकारी अरविंद भारद्वाज ने बताया कि छात्र सौरभ कुमार निवासी गमायडी थाना धनवार जिला गिरडीह (झारखंड) कोटा में एक कोचिंग संस्थान में पढ़ रहा है. शुक्रवार शाम को छात्र बिना बताए हॉस्टल से कहीं चला गया था. जिसके बाद छात्र की मिसिंग रिपोर्ट कुन्हाडी थाने में दर्ज कराई गई. पुलिस ने परिजनों को सूचना देने के तुरंत बाद ही छात्र की तलाश शुरू कर दी थी. मैं और मेरी टीम हॉस्टल पहुंची तो देखा कि छात्र का कमरा खुला था और वह अपना मोबाइल छोड़कर गया था. छात्र हॉस्टल से जाते समय रजिस्टर में हस्ताक्षर करके भी गया था. पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले तथा बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, ऑटो स्टैंड पर तलाश की लेकिन उसका पता नहीं चला.
छात्र के पास मोबाइल नहीं होने से पुलिस को उम्मीद थी कि छात्र परिजनों को संपर्क जरूर करेगा इस कारण पुलिस ने परिजनों को हिदायत दी कि हर कॉल उठाएं और हर जानकारी पुलिस को दें. पुलिस की उम्मीद के अनुसार ही छात्र ने देर रात परिजनों को कॉल किया था. छात्र ने जिस मोबाइल से कॉल किया उसकी लोकेशन पुलिस को मिल गई थी.

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