
'नारायण राणे यूं ही यहां तक नहीं पहुंचे, लड़ाइयां की, हत्या भी की...', शिवसेना नेता के बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में बवाल
AajTak
बीजेपी नेता नारायण राणे वर्तमान में रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग से लोकसभा सांसद हैं और पहले शिवसेना में रहते हुए मालवण और कुदाल से विधायक रहे. 1991 में उन पर कांग्रेस नेता श्रीधर नाइक की हत्या का मामला दर्ज हुआ था लेकिन बाद में उन्हें बरी कर दिया गया.
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और शिवसेना नेता भरत गोगावले ने बीजेपी सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे क लेकर विस्फोटक दावा किया है. उन्होंने कहा है कि नारायण राणे इतनी आसानी से इस पोजिशन तक नहीं पहुंचे, इसके लिए उनपर कई आपराधिक केस दर्ज हुए, वह जेल गए और झगड़े और "हत्या" में शामिल रहे. यह बयान गोगावले ने सिंधुदुर्ग में एक कार्यक्रम में दिया.
भरत गोगावले की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए नारायण राणे के पुत्र और महाराष्ट्र भाजपा के नेता और सरकार में मंत्री नितेश राणे ने रविवार को कहा कि उनके पिता के खिलाफ किसी भी हत्या से संबंधित कोई पुलिस रिकॉर्ड नहीं है.
शनिवार को सिंधुदुर्ग में एक कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए गोगावले ने कहा, "आज हमें जिले में नीलेश राणे के रूप में ताकत मिली है. हमारे (शिवसेना के सावंतवाड़ी विधायक दीपक) केसरकर साहब लड़ाई-झगड़े में नहीं पड़ते. अगर कोई शिवसैनिक हंगामा नहीं करता, तो वह शिवसैनिक नहीं है."
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार शिवसेना नेता भरत गोगावले ने आगे दावा किया, "एक समय महाराष्ट्र में, चाहे वह नारायण राणे हों या कई अन्य नेता... नारायण राणे इस लेवल तक आसानी से नहीं पहुंचे. राणे के खिलाफ दर्ज एक आपराधिक मुकदमे की ओर इशारा करते हुए भरत गोगावले ने कहा कि उनपर मुकदमे हुए. उन्होंने हंगामा किया, जेल गए, झगड़े की, हत्या की... सब कुछ हुआ."
भरत गोगावले की इस टिप्पणी पर नारायण राणे के पुत्र और फडणवीस सरकार में युवा मंत्री नितेश राणे ने कहा कि पुलिस के पास उनके पिता के खिलाफ हत्या का कोई रिकॉर्ड नहीं है. जूनियर राणे ने कहा कि वह गोगावले से मिलेंगे और कुछ चीजों पर उनकी 'समझ को व्यापक' बनाएंगे.
गोगावाले की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर नितेश राणे ने कहा कि, "मैंने गोगावाले का भाषण नहीं सुना है. लेकिन मैं उन्हें याद दिला दूं कि नारायण राणे मुख्यमंत्री रह चुके हैं और उनके खिलाफ किसी हत्या से जुड़ा कोई पुलिस रिकॉर्ड नहीं है."

सरकार ने राज्यसभा में बताया कि निजाम के 173 बहुमूल्य गहने 1995 से भारतीय रिजर्व बैंक के वॉल्ट में कड़ी सुरक्षा में रखे गए हैं. संस्कृति मंत्रालय ने इनके ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और विरासत महत्व को स्वीकार किया है. केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इन गहनों को हैदराबाद में स्थायी सार्वजनिक प्रदर्शनी के लिए स्थानांतरित करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है.

Delhi Weather: दिल्ली में फरवरी की शुरुआत मौसम में बदलाव के साथ होगी. जिसमें हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिलेगा. IMD के अनुसार, 31 जनवरी से 3 फरवरी तक न्यूनतम तापमान 6-8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 19-21 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा. जनवरी में असामान्य बारिश के बाद फरवरी की शुरुआत भी ठंडी और गीली रहने की संभावना है.

जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश तक पहाड़ों पर भारी बर्फबारी हो रही है और दृश्य अत्यंत सुंदर हैं. इस बर्फबारी के कारण कई पर्यटक इन जगहों की ओर जा रहे हैं. रास्तों पर भारी भीड़ और जाम की स्थिति बन गई है क्योंकि कई मार्ग बंद हो गए हैं. श्रीनगर में सुबह से लगातार बर्फबारी हो रही है जिससे मौसम में बदलाव आया है और तापमान गिरा है. पुलवामा, कुलगाम, शोपियां, गुरेज सहित अन्य क्षेत्र भी इस मौसम से प्रभावित हैं.

अमेरिका का ट्रंप प्रशासन इस महीने ‘ट्रंपआरएक्स’ नाम की एक सरकारी वेबसाइट लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसके जरिए मरीज दवा कंपनियों से सीधे रियायती दरों पर दवाएं खरीद सकेंगे. सरकार का दावा है कि इससे लोगों का दवा खर्च कम होगा. हालांकि इस योजना को लेकर डेमोक्रेट सांसदों ने गलत तरीके से दवाएं लिखे जाने, हितों के टकराव और इलाज की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं.

आज सबसे पहले दस्तक देने जा रहे हैं, पंजाब में ध्वस्त होते लॉ एंड ऑर्डर पर, पंजाब में बढ़ते, गैंग्स्टर्स, गैंगवॉर और गन कल्चर पर. जी हां पंजाब में इस वक्त एक दर्जन से ज़्यादा गैंग्स सरेआम कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं, कानून के रखवालों के दफ्तरों के सामने हत्याओं को अंजाम दे रहे हैं, और तो और बिना डरे, पंजाब पुलिस, पंजाब सरकार को, पंजाब के नेताओं, मंत्रियों, उनके बच्चों, उनके रिश्तेदारों को धमकियां दे रहे हैं. देखें दस्तक.

देहरादून के विकासनगर इलाके में दुकानदार द्वारा दो कश्मीरी भाइयों पर हमला करने का मामला सामने आया है. खरीदारी को लेकर हुए विवाद के बाद दुकानदार ने मारपीट की, जिसमें 17 साल के नाबालिग के सिर में चोट आई. दोनों भाइयों की हालत स्थिर बताई जा रही है. पुलिस ने आरोपी दुकानदार संजय यादव को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है.

जिस मुद्दे पर नियम बनाकर UGC ने चुप्पी साध ली, राजनीतिक दल सन्नाटे में चले गए, नेताओं ने मौन धारण कर लिया.... रैली, भाषण, संबोधनों और मीडिया बाइट्स में सधे हुए और बंधे हुए शब्द बोले जाने लगे या मुंह पर उंगली रख ली गई. आखिरकार उन UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़े सवाल पूछते हुए इन्हें भेदभावपूर्ण और अस्पष्ट मानते हुए इन नियमों पर अस्थाई रोक लगा दी. आज हमारा सवाल ये है कि क्या इन नियमों में जो बात सुप्रीम कोर्ट को नजर आई... क्या वो जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को दिखाई नहीं दी?






