
नामीबिया को बताया नाइजीरिया...लंपी वायरस के लिए चीते जिम्मेदार, बीजेपी ने कांग्रेस नेता को घेरा
AajTak
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले के एक बयान ने बीजेपी को कांग्रेस पर निशाना साधने का मौका दे दिया है. मीडिया से बात करते हुए पटोले ने कहा है कि चीते नाइजीरिया से लाए गए थे और उसी वजह से लंपी वायरस देश में फैल गया. उनके इस बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया है.
महाराष्ट्र में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले का एक बयान सुर्खियों में चल रहा है. उन्होंने विदेश से आए चीतों को लंपी वायरस के लिए जिम्मेदार बता दिया. बड़ी बात ये रही कि चीते आए नामीबिया से थे, लेकिन बयान देते समय नाना पटोले ने नामीबिया की जगह नाइजीरिया बोल दिया. अब बीजेपी ने पटोले के इस बयान को बड़ा मुद्दा बना लिया है और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है.
बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने ट्वीट कर कहा है कि पटोले महाराष्ट्र के राहुल गांधी हैं. वे कहते हैं कि लंपी वायरस नाइजीरिया से आया और इसलिए आया क्योंकि मोदी जी वहां से चीते लेकर आए. अब असल में चीते तो नांबिया से आए थे. क्या इन्हें ये तक नहीं पता कि नाइजीरिया और नामीबिया अलग देश हैं? कांग्रेस ने हमेशा ही ऐसे झूठ फैलाए हैं. कोरोना के समय भी इन्होंने ऐसी फर्जी खबरें चलाई थीं. इन्हीं लोगों ने कोरोना वैक्सीन को लेकर डर पैदा किया था. अब क्या कांग्रेस उन पर एक्शन लेगी?
वैसे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी नाना पटोले को जवाब देकर सही किया है. साफ कहा है कि चीते नामीबिया से आए थे, नाइजीरिया से नहीं. अब जानकारी के लिए बता दें कि नाना पटोले ने किसानों की बात करते विदेश से आए चीतों का जिक्र किया था. उन्होंने कहा था कि लंपी वायरस लंबे समय से नाइजीरिया में फैल रहा है और चीते भी उसी देश से आए हैं. केंद्र सरकार ने जानबूझकर किसानों को नुकसान पहुंचाने के लिए ऐसा किया है. बातचीत के दौरान पटोले ने मांग की थी कि सरकार किसानों को पिछले साल 700 रुपये और इस साल 1000 रुपये का बोनस दे.
पटोले ने यहां तक दावा कर दिया कि इन चीतों की वजह से देश में महंगाई, बेरोजगारी खत्म नहीं होगी. वे कहते हैं कि विदेशों से चीते लाने से देश के किसानों की समस्या का समाधान नहीं होगा, महंगाई की समस्या का समाधान नहीं होगा, बेरोजगारी की समस्या का समाधान नहीं होगा, लेकिन इसके बावजूद बड़ी मात्रा में चीते लाए गए शिकार के लिए और उसके बाद देश में फैली यह लम्पी बीमारी.

ट्रंप की ईरान को दी गई उस धमकी के बारे में बताएंगे जिसमें उन्होंने कहा कि कि ईरान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा. उनका ये बयान उस संदर्भ में आया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान ट्रंप की हत्या कर सकता है. इस पर ट्रंप ने कहा अगर उन्हें कुछ भी हुआ तो अमेरिका की सेनाएं ईरान को धरती के नक्शे से मिटा देंगी. आज इस बात का विश्लेषण करेंगे कि क्या वाकई ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है?

मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर विवाद गहराया है. अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर कड़े तेवर दिखा रहे हैं. उन पर शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगा है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर बैठकर अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान करने से प्रशासन ने रोक लगा दी. समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.






