'नहीं रोकता तो 25 हजार अमेरिकी मारे जाते...', समंदर में जहाज पर अटैक को जस्टिफाई कर बोले ट्रंप
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने कैरिबियन सागर में ड्रग्स लेकर जा रहे जहाज पर हमला कर उसे समुद्र में डुबो दिया. इस दौरान दो आतंकियों को मार गिराया गया जबकि दो अन्य को जिंदा पकड़कर उन्हें उनके देश इक्वाडोर व कोलंबिया वापस भेजा जा रहा है.
अमेरिकी सेना ने केबियन सागर में एक जहाज को निशाना बनाकर हमला किया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि इस जहाज का इस्तेमाल ड्रग तस्करी के लिए किया जा रहा था, जिस वजह से इसे नष्ट कर दिया गया.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कहा कि ड्रग्स लेकर जा रही सबमरीन को नष्ट करना सम्मान की बात थी. यह सबमरीन अमेरिकी आ रही थी. अमेरिका खुफिया एजेंसियों ने पुष्टि की है यह जहाज मुख्य तौर पर फेंटानिल और अन्य गैरकानूनी ड्रग्स से लदा हुआ था.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि इस जहाज पर चार आतंकी भी सवार थे, जिनमें से दो की मौत हो गई. अगर मैं इस जहाज को अमेरिकी तट पर उतरने देता तो इससे 25 हजार अमेरिकी नागरिकों की मौत हो सकती थी. दो बचे हुए आतंकियों उनके मुल्क भेजा जा रहा है, जो इक्वाडोर और कोलंबिया के नागरिक हैं.
उन्होंने कहा कि इस हमले में अमेरिकी सेना को कोई नुकसान नहीं हुआ. मेरे नेतृत्व में इस तरह के ड्रग्स तस्करों को जमीन और समुद्र किसी भी रास्ते से अमेरिका में घुसने नहीं दिया जाएगा.
बता दें कि ट्रंप ने शनिवार को जानकारी दी कि कैरेबियन सागर में अमेरिका में ड्रग्स तस्करी करने वाले पनडुब्बी पर सैन्य हमला करके उसे तबाह कर दिया.
यह हमला ट्रंप के उस अभियान का हिस्सा है, जिसे उन्होंने लैटिन अमेरिका से अमेरिका तक ड्रग्स की तस्करी को रोकने के लिए शुरू किया है. इस अभियान के तहत सितंबर से अब तक कैरिबियन सागर में कम से कम छह जहाजों पर हमले किए गए हैं.

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