
नर्सिंग स्टाफ बनकर बुजुर्गों को शिकार बनाते थे बदमाश, सेवा के नाम पर लूटकर हो जाते थे फरार
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दिल्ली में पुलिस ने दो ऐसे बदमाशों को गिरफ्तार किया है जो बुजुर्गों को नर्सिंग स्टाफ होने का झांसा देकर लूट लेते थे. ये लोग ऐसे परिवार या बुजुर्ग व्यक्ति को अपना निशाना बनाते थे जिन्हें स्वास्थ्यकर्मी की घर में जरूरत होती थी. ये लोग एक-दो दिन सेवा करते थे और फिर मौके मिलते ही घर का सारा माल लेकर फरार हो जाते थे.
दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच ने दो ऐसे लुटेरों को गिरफ्तार किया है जो बुजुर्गों को नर्सिंग स्टाफ होने का भरोसा दिलाकर उन्हें लूट लेते थे. ये बदमाश बूढ़े नागरिकों से उनका कीमती सामान लूट कर फरार हो जाते थे.
पकड़े गए युवकों का नाम रिंकू कुमार उर्फ कल्लू (उम्र- 33 साल) और प्रमोद कुमार (उम्र - 38) है. यूपी के ग्रेटर नोएडा और बुलंदशहर में उनके घरों से उन्हें गिरफ्तार किया गया. विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध) रवींद्र यादव ने कहा कि दोनों मरीजों के आवास पर नर्सिंग अटेंडेंट सेवाएं प्रदान करने की आड़ में उनका कीमती सामान चुराते थे.
इस महीने की शुरुआत में, रिंकू कुमार ने खुद को अंकित कुमार बताकर और नर्सिंग अटेंडेंट होने का दावा करके पटेल नगर में एक 85 साल के व्यक्ति को निशाना बनाया. यादव ने कहा कि उसे 9 अक्टूबर को नौकरी पर रखा गया था और 11 अक्टूबर को वह नकदी और आभूषण लेकर भाग गया.
पूछताछ के दौरान, रिंकू ने खुलासा किया कि वह सर्च इंजन डायरेक्टरी जस्टडायल के माध्यम से अपने संभावित शिकारों की जानकारी निकालता था. पुलिस ने कहा कि ये बदमाश ऐसे लोगों को अपना निशाना बनाते थे जो अपने बुजुर्ग माता-पिता या बीमार परिवार के सदस्यों के लिए नर्सों की तलाश कर रहे होते थे.
एक आरोपी ने पुलिस को बताया कि वो अपनी पहचान छुपाए रखने के लिए पीड़ित मरीज के घर पर बैक्टीरिया संक्रमण फैलने और मरीजों की सुरक्षा बनाए रखने के लिए मेडिकल कारण बताकर मास्क पहने रखता था.
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि जिस वक्त रिंकू मरीज के घर में चोरी करता था उसका दूसरा दोस्त प्रमोद बाहर निगरानी रखता था. पुलिस ने कहा कि आरोपी पहले आदर्श नगर, साकेत और नोएडा में इसी तरह के तीन मामलों में शामिल थे. उन्होंने बताया कि मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है.

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