
नमक हराम, बुर्का, वक्फ और मुस्लिम डिप्टी CM... 4 मुद्दे जो बता रहे बिहार चुनाव धार्मिक ध्रुवीकरण की ओर शिफ्ट हो रहा
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बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे धार्मिक ध्रुवीकरण की बिसात बिछाई जाने लगी है. बीजेपी नेता गिरिराज ने मुसलमानों को नमक हराम बताया तो आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने महागठबंधन की सरकार आने पर वक्फ कानून खत्म करने का ऐलान कर दिया है. इस तरह सियासी एजेंडा सेट किए जाने लगा है?
बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार का सियासी तापमान चढ़ने लगा है. चुनाव अभियान का आगाज भले ही सियासी दलों ने विकास और रोजगार के मुद्दे से शुरू किया हो, लेकिन प्रचार रफ्तार पकड़ने के साथ ही धार्मिक ध्रुवीकरण वाले एजेंडे सेट किए जाने लगे हैं. बीजेपी के नेता से लेकर आरजेडी के नेताओं ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं.
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि 'सरकार बनी तो वक्फ बोर्ड बिल को कूड़ेदान में फेंक देंगे.' इससे सीमांचल क्षेत्र के चुनावी समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है. इससे पहले बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि मुस्लिम केंद्र की योजनाओं का लाभ लेते हैं, लेकिन बीजेपी को वोट नहीं देते, ऐसे नमक हराम का वोट नहीं चाहिए.
बिहार के चुनावी पिच पर गिरिराज के 'नमक हराम' वाले बयान से शुरू हुआ विवाद मुस्लिम महिलाओं के बुर्का हटाने, मुस्लिम डिप्टी सीएम और अब वक्फ कानून खत्म करने के मुद्दे तक पहुंच गया है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बिहार का चुनाव धार्मिक ध्रुवीकरण की तरफ शिफ्ट होने लगा है?
नमक हराम और घुसपैठ का मुद्दा
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