
नक्सली हमले के शक में गिरफ्तारी, पुलिस हिरासत में मौत... जांच अधिकारी को अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
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नक्सली हमले में शामिल होने के शक में पुलिस ने शनिवार की देर शाम 40 साल के पोडिया माडवी को गिरफ्तार किया था. पुलिस उससे इस ब्लास्ट केस के सिलसिले में पूछताछ करना चाहती थी. पुलिस को उम्मीद थी कि माडवी से उन्हें अहम जानकारी मिल जाएगी.
Naxal Attack in Dantewada: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में एक बड़े नक्सली हमले के एक संदिग्ध की पुलिस हिरासत में दर्दनाक मौत हो गई. उसकी मौत से कुछ घंटे पहले ही पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था. लेकिन रविवार को उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो जाने से पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं. अब इस मामले की जांच की जा रही है.
दंतेवाड़ा की इस वारदात के बारे में जानकारी देते हुए एक स्थानीय अफसर ने बताया कि पिछले साल अप्रैल में अरनपुर में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IEED) के जरिए घातक विस्फोट किया गया था. जिसमें दस पुलिस कर्मी और एक नागरिक चालक की मौत हो गई थी. इस हमले ने राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को भी सकते में डाल दिया था.
उसी नक्सली हमले में शामिल होने के शक में पुलिस ने शनिवार की देर शाम 40 साल के पोडिया माडवी को गिरफ्तार किया था. पुलिस उससे इस ब्लास्ट केस के सिलसिले में पूछताछ करना चाहती थी. पुलिस को उम्मीद थी कि माडवी से उन्हें अहम जानकारी मिल जाएगी.
पुलिस अफसर ने पीटीआई को आगे जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस हिरासत के दौरान अचानक माडवी को दौरे पड़ने लगे. पुलिस टीम ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां रविवार की सुबह उसकी मौत हो गई.
पुलिस के मुताबिक, इस केस में प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि माडवी की मौत दौरा पड़ने से हुई है, लेकिन मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा. उन्होंने बताया कि इस मामले में अब दुर्घटनावश मौत की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, लेकिन साथ ही इस मामले की न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा जांच भी की जा रही है.
आपको याद दिला दें कि पिछले साल 26 अप्रैल को दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर पुलिस थाना क्षेत्र में सुरक्षा कर्मियों को ले जा रहे वाहनों के काफिले में शामिल एक एमयूवी को नक्सलियों ने धमाके से उड़ा दिया था, जिसमें दस पुलिसकर्मी और एक ड्राइवर की मौत हो गई थी.

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