
नई CCTV फुटेज, SIT जांच और अब CBI की एंट्री... उलझती जा रही है पटना में NEET छात्रा की डेथ मिस्ट्री, ये है वजह
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पटना की NEET छात्रा की मौत का मामला एक बड़ा विवाद बनता जा रहा है. पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट में जबरदस्ती किए जाने और स्पर्म के सबूत मिले हैं. तो फिर ऐसा क्या था कि पुलिस ने इस केस को सुसाइड बताया था. पढ़ें इस केस की जांच का पूरा सच.
Patna NEET Student Death Case: वो शख्स उस रोज अपनी गोद में जिस बेहोश लड़की को लेकर लगभग दौड़ सा रहा था, वो लड़की कोई और नहीं बल्कि पटना की वही नीट की छात्रा थी, जिसकी 11 जनवरी को मौत हो गई थी. जिसकी मौत को लेकर इस वक्त तमाम सवाल उठ रहे हैं और उठाए जा रहे हैं. ये वही छात्रा है, जिसकी मौत के बाद पटना पुलिस ने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस बुला कर ये दावा किया था कि ये खुदकुशी का मामला है और लड़की के साथ कोई रेप या रेप की कोशिश नहीं हुई है. लेकिन इसी छात्रा की पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फिर फॉरेंसिक रिपोर्ट ने पटना पुलिस के दावे को गलत साबित कर दिया है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, लड़की के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की गई और उसके अंडरगारमेंट से स्पर्म के सबूत मिले हैं. पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल का ये वीडियो अपने-आप लीक नहीं हुआ है, बल्कि इसे जानबूझ कर लीक करवाया गया है. ताकि पटना पुलिस अपनी इज्जत बचा सके. लेकिन उससे पहले ही इस केस में एक नया ट्विस्ट आ गया. इस वीडियो के बारे में जानने से पहले चलिए आपको बिहार के डीजीपी के घर लिए चलते हैं.
31 जनवरी 2026, बिहार के डीजीपी का सरकारी आवासपटना की नीट छात्रा के मां-बाप और भाई को बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने बातचीत के लिए अपने घर बुलाया था. मां-बाप इस उम्मीद पर डीजीपी से मिलने गए कि शायद अब उनकी बेटी को शर्तिया इंसाफ मिलेगा, लेकिन करीब घंटे भर की मीटिंग के बाद जब नीट छात्रा के मां-बाप डीजीपी साहब के घर से बाहर निकले, तो बेहद गुस्से में थे. गुस्से में इसलिए थे क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक रिपोर्ट के सामने आने के बावजूद डीजीपी साहब मां-बाप को यही समझा रहे थे कि उनकी बेटी के साथ कोई रेप नहीं हुआ और ना ही उसका कत्ल हुआ है.
मां-बाप के मुताबिक इस मीटिंग के दौरान डीजीपी साहब इस बात पर भी जोर दे रहे थे कि उनसे मिलने के बाद वो लोग बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी से उनके घर जाकर मिलें. डीजीपी का रुख देखते ही शायद मां-बाप समझ चुके थे कि बिहार पुलिस पहले से ही ये तय कर चुकी है या मान चुकी है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट या फॉरेंसिक रिपोर्ट दोनों ही झूठे हैं. लिहाजा, उन्होंने गृहमंत्री सम्राट चौधरी से मिलने से इनकार कर दिया और वापस पटना से अपने घर जहानाबाद लौट गए.
उधर, परिवार जहानाबाद लौटता है और इधर 31 जनवरी की शाम को ही बिहार सरकार की तरफ से नीट छात्रा की मौत के मामले की जांच सीबीआई के हवाले करने की सिफारिश कर दी जाती है. पहले 25 दिनों में इस मामले की जांच के लिए दो-दो अलग-अलग जांच टीम बनाई गई. एसआईटी जांच में सीआईडी की टीम को भी शामिल किया गया. लेकिन बीते 25 दिनों में बिहार पुलिस कुछ नहीं कर पाई.
और इस तरह एक और मामला सीबीआई की झोली में चला गया. पर कमाल ये है कि नीट छात्रा के मां-बाप ने कभी ये मांग ही नहीं की थी कि उनकी बेटी की मौत के मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए. वो शुरू से ही इस मामले की न्यायिक जांच की मांग कर रहे थे. और अब भी उनकी मांग यही है.

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