
धीमी आवाज, चेहरे पर थकान, भाषण से गायब जोश... जंग के बाद दिखे खामेनेई कैसे जीतेंगे जनता का विश्वास?
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ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई अपने ताजा भाषाण में जब टीवी पर 'जीत' का दावा करने आए तो उनकी शख्सियत से ऊर्जा गायब थी. वे थके लग रह थे. विशेषज्ञों ने कहा कि हो सकता है वे अभी भी छिपे हो सकते हों. एक्सपर्ट यह भी बताते हैं कि खामेनेई युद्ध के दौरान हमेशा बंकर में रहे और इलेक्ट्रानिक डिवाइस का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद कर दिया.
आवाज दबी और धीमी, गले में खराश और भाषण से वो जोश गायब जिसके लिए ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई जाने जाते हैं. 86 साल के अली खामेनेई शुक्रवार को 12 दिनों की चुप्पी के बाद जब 'जीत' का दावा करने टीवी पर आए तो उनकी शख्सियत से वो करिश्मा गायब था. जिसे देख ईरान की जनता हुंकार भरती है और तालियां बजाती है.
जंग से पहले खामेनेई जब भी जनता से संवाद करते थे तो ये खुले में होता था. खामेनेई के सामने हजारों की भीड़ होती और वह नारे लगाती, मुट्ठियां भींचती भीड़ को संबोधित करते हुए उनमें जोश भर देते.
लेकिन इस बार वे टीवी पर आए, बैकग्राउंड में एक सामान्य सा पर्दा था और पीछे लटकी थी 1979 में ईरान में इस्लामिक इंकलाब करने वाले अयातुल्लाह खुमैनी की तस्वीर.
चेहरे पर थकान, सत्ता पर कमजोर होती पकड़
समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार इससे संकेत मिलता है कि इजरायल से हमले के खतरों को देखते हुए वे अभी भी छिपे हुए हो सकते हैं. क्योंकि इजराइल ने उनकी हत्या की कोशिश की संभावना से इनकार नहीं किया है.
गुरुवार को इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने मीडिया से कहा कि अगर मौका मिलता तो सेना युद्ध के दौरान खामेनेई को मारने से नहीं चूकती.

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