
देश में केरल के श्रमिकों को मिलती है सर्वाधिक मज़दूरी: रिपोर्ट
The Wire
रिज़र्व बैंक की एक रिपोर्ट बताती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण, सामान्य कृषि और ग़ैर-कृषि श्रमिकों की दैनिक मज़दूरी के मामले में केरल सबसे आगे है. वहीं, एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार केरल के विधायकों को देश में सबसे कम वेतन मिलता है.
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण, सामान्य कृषि और गैर-कृषि श्रमिकों की दैनिक मजदूरी के मामले में केरल सबसे आगे है.
न्यूज़क्लिक की रिपोर्ट के अनुसार, केरल में न केवल इस तरह की मजदूरी की दर सबसे अधिक हैं, वहीं, इस सूची में इसके बाद आने वाले राज्यों और केरल में मजदूरी के बीच का अंतर भी काफी अधिक है. केरल में श्रमिकों को दी जाने वाली मजदूरी न्यूनतम मजदूरी और राष्ट्रीय औसत की तुलना में दोगुने से भी अधिक है.
रिपोर्ट कहती है कि इसके बरक्स केरल वो राज्य है, जहां विधायकों को दिए जाने वाले भत्ते देश में सबसे कम हैं. महाराष्ट्र और गुजरात जैसे उद्योगों वाले कई राज्यों में विधायकों को काफी अधिक भत्ते मिलते हैं, वहीं अपने श्रमिकों को भुगतान करने में ये राज्य बहुत पीछे हैं.
आरबीआई रिपोर्ट 2020-21 में ‘दैनिक मजदूरी श्रेणी’ में केरल सबसे ऊपर है. रिपोर्ट में 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए ग्रामीण भारत में राज्यवार औसत दिहाड़ी की सूची दी गई है. रिपोर्ट के अनुसार, देश में निर्माण श्रमिकों, सामान्य कृषि श्रमिकों और गैर-कृषि श्रमिकों को सबसे अच्छा भुगतान केरल में किया जाता है.

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एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट का प्रतिनिधित्व करने वाले फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (एफआईए) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से उड़ानों में कम से कम 60% सीटों के चयन के लिए कोई शुल्क न लेने के फैसले को वापस लेने का आग्रह किया है. समूह का कहना है कि इस कदम से एयलाइंस को हवाई किराए बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ेगा.

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