
देश की सबसे सुरक्षित 5 स्टार रेटिंग वाली कारें, शुरुआती कीमत महज 6.35 लाख रुपये
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कार के सेफ्टी फीचर्स जितने बेहतर होंगे उतना ही अच्छा हमारा ड्राइविंग एक्सपीरियंस भी होगा. ये फीचर्स इमरजेंसी सिचुएशन में आपको वार्निंग अलर्ट भेज कर सचेत करते हैं. यहां हम आपको उन कारों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें Global NCAP द्वारा भारत की सबसे सुरक्षित कारों का दर्जा हासिल है और इन्हें 5 स्टार रेटिंग मिली हुई है.
कार खरीदते वक्त लुक, डिजायन के अलावा ग्राहक सबसे ज्यादा सेफ्टी फीचर्स को ही तरजीह देता है. जितने बेहतर सेफ्टी फीचर्स होंगे, कार की ड्राइविंग करते वक्त आप उतना ही सुरक्षित महसूस करेंगे. ड्राइविंग एक्सपीरियंस भी पहले से बेहतर होगा. आजकल काफी एडवांस फीचर्स के साथ गाड़ियां आने लगी हैं. कई गाड़ियों में ऐसे फीचर्स भी हैं, जो इमरजेंसी सिचुएशन में आपको वार्निंग अलर्ट भेज कर सचेत करते हैं. इसके अलावा ऐसी परिस्थितियों में आपकी मदद भी करते हैं. यहां हम आपको उन कारों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें Global NCAP द्वारा भारत की सबसे सुरक्षित कारों का दर्जा हासिल है और इन्हें 5 स्टार रेटिंग हासिल है.
क्या है Global NCAP?
Global NCAP or GNCAP यूके रजिस्टर्ड एक चैरिटी प्रोग्राम है. यह गाड़ियों के क्रैश ट्रेस्टिंग के माध्यम से उन्हें सेफ्टी रेटिंग प्रदान करता है. भारतीय गाड़ियों की सेफ्टी रेटिंग को 64 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार पर जांची जाती है. एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन (AOP) और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन (COP) में बांटा जाता है. प्रत्येक श्रेणी को वाहन के सुरक्षा प्रदर्शन के आधार पर रेट किया गया है.
Mahindra XUV700
Mahindra XUV700 महिंद्रा ग्रुप की दूसरी ऐसी कार है जिसे 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है. साथ ही इस कार को 'सेफर चॉइस अवार्ड' भी दिया गया है. इसके अलावा चाइल्ड प्रोटेक्शन में इस गाड़ी को 4 स्टार रेटिंग हासिल है. इस गाड़ी में सात एयरबैग, एबीएस, ईएसपी, एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम, फॉरवर्ड कॉलिजन वार्निंग, आपातकालीन ब्रेक, क्रूज कंट्रोल, लेन कीप असिस्ट, स्मार्ट पायलट असिस्ट, ऑटो हाई-बीम असिस्ट और बूस्टर हेडलाइट्स शामिल हैं. इसकी शुरुआती कीमत 13.18 लाख रुपये है.
Tata Nexon

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












