
देवी-देवताओं की परिक्रमा का क्या है महत्व और क्या हैं इसके नियम, जानिए
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ऐसी मान्यता है कि परिक्रमा के दौरान किसी से बातचीत नहीं करनी चाहिए. जिस देवी-देवता की परिक्रमा कर रहे हैं, उनका ही ध्यान करना चाहिए. परिक्रमा वहीं पूरी होती है जहां से परिक्रमा प्रारंभ की जाती है. ज्योतिषी प्रवीण मिश्र से जानिए कि कौन से देवी-देवताओं की परिक्रमा कितनी बार करना चाहिए? जैसे भगवान सूर्य, संकटमोचन हनुमानजी, पीपल की कितनी बार परिक्रमा करें या जहां मंदिरों में परिक्रमा का मार्ग न हो वहां कैसे परिक्रमा करें. जिन देवताओं की परिक्रमा की संख्या का विधान मालूम न हो, उनकी कितनी बार परिक्रमा की जा सकती है. साथ ही आज का उपाय में जानेंगे कि पॉजिटिव एनर्जी बढ़ाने के लिए क्या करें. . लेकिन कार्यक्रम की शुरुआत में बात करेंगे आपकी राशियों के राशिफल की.

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












