
दुर्लभ बीमारी की वजह से 30 साल से नहीं बैठ पाई ये लड़की, खड़े होकर ही करती है सारे काम
AajTak
पौलेंड की रहने वाली 32 साल की लड़की को यह भी याद नहीं है कि वह पिछली बार कब बैठी थी. उसे हर काम खड़े होकर ही करने होते हैं और वह बिना सहारे के रोजमर्रा के काम करने में भी असमर्थ है. यह लड़की एक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है, जिसके बारे में आर्टिकल में पढ़ेंगे.
जिन लोगों को चलने-फिरने का अधिक काम होता है, वे लोग अधिक देर तक खड़े रह सकते हैं. लेकिन जिन लोगों की सिटिंग जॉब होती है या चलने फिरने का कम काम होता है, देर तक खड़े रहने पर उन लोगों के पैर जल्दी दुखने लगते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं, एक लड़की ऐसी भी है जो 30 साल से नहीं बैठी है. वह या तो खड़ी रह सकती है या फिर लेट सकती है. इस लड़की की उम्र 32 साल है लेकिन उसे यह भी याद नहीं है कि वह पिछली बार कब बैठी थी. अगर वह बैठने की कोशिश भी करती है तो उसे असहनीय दर्द होता है इसलिए उसने बैठने की कोशिश भी नहीं की. हम समझ सकते हैं यह काफी अजीबो-गरीब मामला है लेकिन इसके पीछे का क्या कारण है, यह भी जान लीजिए.
कौन है ये लड़की
30 साल से बैठ न पाने वाली लड़की का नाम जोआना क्लिच (Joanna Klich) है जो कि पौलेंड की रहने वाली हैं. 32 साल की जोआना एक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित हैं इसलिए वे इतने सालों से बैठ नहीं पाईं हैं. वे स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (Spinal muscular atrophy) से पीड़ित हैं. उनकी बीमारी 3 जीन्स (MYH7, RYR1 और CFL2) के म्यूटेशन से हुई है.
एक इंटरव्यू के दौरान जोआना ने बताया कि जब वे 1-2 साल की थीं, तब उनकी मां ने उन्हें एक बार बैठाने की कोशिश की लेकिन उन्हें याद भी नहीं कि वह कभी बैठी भी थीं. उन्हें इस बात का डर है कि उनके पैर कभी भी खराब हो सकते हैं.
कूल्हे की हड्डियां आपस में जुड़ीं
जोआना क्लिच को जो बीमारी है वो काफी कम लोगों को होती है. उनकी इस बीमारी ने उनके हिप्स और पैरों के ज्वाइंट को जोड़ दिया है, इस कारण वे बिना सहारे के खड़ी भी नहीं हो सकती हैं. इस स्थिति में उनकी रीढ़ की हड्डी के मसल्स कमजोर हो गए हैं, जिससे चलने और खड़े रहने में भी वे असमर्थ हैं. जोआना ने इंटरव्यू के दौरान बताया, मैं कभी नहीं बैठ सकती. हां, बस इतना कर सकती हूं कि स्ट्रेट व्हीलचेयर्स के सहारे मैं खड़ी रह सकती हूं या लेट सकती हूं. मुझे अपनी रोजमर्रा के कामों में भी मदद की जरूरत होती है. टॉयलेट जाना हो या नहाना हो, मैं बिना सहारे के लिए नहीं कर सकती. हालांकि, जब मैं बच्ची थी, उस समय मैं अपने काम खुद कर सकती थी, लेकिन अब नहीं.

NCERT ने 3 से 8 साल तक के बच्चों के लिए ई-मैजिक बॉक्स ऐप लॉन्च किया है. इस प्लेटफॉर्म पर बच्चे मोबाइल या कंप्यूटर से पढ़ सकते हैं और नई-नई चीजें सीख सकते हैं. इसमें एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्मार्ट बॉट है, जो बच्चों की पढ़ाई में मदद करता है और उनके सवालों का आसान जवाब देता है. इसके साथ ही इसमें खेल-खेल में सीखने वाली गतिविधियां भी शामिल हैं.












