
दुनिया का दूसरा सबसे सस्ता पासपोर्ट बना भारतीय पासपोर्ट, इस मामले में टॉप पर रहा
AajTak
ऑस्ट्रेलियाई फर्म ने एक स्टडी की है जिसमें भारत के पासपोर्ट ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है. स्टडी में सभी देशों के पासपोर्ट की तुलना से पता चला है कि भारत का पासपोर्ट दुनिया का दूसरा सबसे सस्ता पासपोर्ट है.
भारत का पासपोर्ट दुनिया में दूसरा सबसे सस्ता पासपोर्ट है, ऐसा एक स्टडी में पाया गया है. नतीजों में कहा गया है कि भारत का पासपोर्ट दूसरा सबसे सस्ता पासपोर्ट होने के साथ वैलिडिटी की सालभर की लागत के हिसाब से यह दुनिया का सबसे सस्ता पासपोर्ट है. स्टडी में यूएई का पासपोर्ट शीर्ष पर रहा है.
ऑस्ट्रेलियाई फर्म Compare the Market AU ने अपनी स्टडी में विभिन्न देशों के पासपोर्ट की लागत को लेकर तुलना की है. स्टडी में पासपोर्ट की वैलिडिटी की हर साल लागत की भी तुलना की गई है. इसमें यह तुलना भी शामिल है कि किसी देश के पासपोर्ट का इस्तेमाल कर कितने देशों में वीजा फ्री एंट्री मिल सकती है.
ऑस्ट्रेलियाई फर्म की तरफ से जारी प्रेस बयान के मुताबिक, 10 साल की वैलिडिटी के लिए भारतीय पासपोर्ट की कीमत 18.07 डॉलर (1,505 रुपये) है, जबकि यूएई 5 साल के पासपोर्ट के लिए 17.70 डॉलर (1,474 रुपये) का शुल्क लेता है.
भारतीय पासपोर्ट सस्ता लेकिन...
भारतीय पासपोर्ट सस्ता है लेकिन यह सीमित देशों में ही वीजा फ्री एंट्री प्रदान करता है. भारतीय पासपोर्टधारी केवल 62 देशों में वीजा फ्री एंट्री कर सकते हैं. यह ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और कनाडा जैसे देशों के उलट है, जिनके पासपोर्ट महंगे हैं लेकिन वो अधिक देशों में वीजा फ्री एंट्री देते हैं.
स्टडी में यूएई का पासपोर्ट हर मामले में शीर्ष पर रहा चाहे वो दुनिया का सबसे सस्ता पासपोर्ट हो या फिर वीजा फ्री एक्सेस का मामला.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











