
दिवाली की रात सामने नहीं आया असली AQI! खतरनाक स्तर पर पहुंचते ही बंद हुए CPCB के 28 निगरानी केंद्र
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सबसे हैरानी की बात यह है कि जिन इलाकों को CPCB ने पहले से “हॉटस्पॉट” बताया था, वही मॉनिटर दिवाली की रात काम करना बंद कर गए. यानी, दिल्ली का असली AQI स्तर छिप गया. कई इलाकों का डेटा 9-10 घंटे तक गायब रहा.
दिवाली-एनसीआर की रात जब दिल्ली की हवा ज़हरीली हो चुकी थी, उस वक्त केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के 28 मॉनिटरिंग स्टेशन बंद पड़े थे. यह बात सामने निकलकर आई है कि 39 में से सिर्फ 11 स्टेशन ही दिवाली की रात से अगली सुबह तक डेटा रिकॉर्ड कर रहे थे,जिससे राजधानी के वास्तविक प्रदूषण स्तर पर सवाल खड़े हो गए हैं.
आजतक ने 20 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक के 48 घंटे का CPCB डेटा एक्सेस किया और पाया कि आधी रात के बाद से लेकर सुबह 5 बजे तक कई इलाकों का प्रदूषण रिकॉर्ड ही नहीं हुआ.लगभग सभी स्टेशनों पर रात 12 बजे से सुबह 5 बजे के बीच डेटा गैप देखने को मिला.
यह वही समय था जब शहर की हवा “Hazardous” यानी गंभीरतम श्रेणी में पहुंच चुकी थी. कई हॉटस्पॉट इलाकों में प्रदूषण का स्तर 'खतरनाक' श्रेणी में पहुंचने के तुरंत बाद निगरानी स्टेशनों ने काम करना बंद कर दिया.
AQI 900 पार होने के बाद डेटा गायब
आनंद विहार: रात 11:00 बजे AQI 627 (खतरनाक) पर था, जिसके बाद डेटा रिकॉर्ड होना बंद हो गया और अगले दिन सुबह 4:00 बजे तक गायब रहा. यहां AQI मात्र 15 मिनट में 361 से 627 पहुंच गया था.
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