
दिल्ली: जिस दोस्त पर दो भाइयों ने जताया भरोसा, पैसों के लिए उसी ने मां-दादी की कर दी हत्या
AajTak
दिल्ली में एक शख्स ने चंद पैसों के लिए अपने ही दोस्त की मां और दादी की हत्या कर दी. दरअसल दो भाई एक दोस्त पर दुकान और परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी देकर घूमने गए थे लेकिन पैसों की लालच में उसी ने हत्या का अंजाम दे दिया.
जिस दोस्त पर भरोसा कर दिल्ली में दो भाइयों ने दुकान और मां-दादी की जिम्मेदारी सौंपी थी उसी ने चंद पैसों के लिए उनकी हत्या कर दी. चांदनी चौक के रहने वाले शशांक नाम के शख्स ने अपने दोस्त हर्षित को चार दिनों के लिए मां और दादी का ख्याल रखने की जिम्मेदारी दी थी. लेकिन पैसों के लिए उसने दोस्त के भरोसे का कत्ल कर दिया.
दरअसल 16 अगस्त की सुबह 4 बजकर 20 मिनट पर वेलकम थाना इलाके में पुलिस को फोन के जरिए सास-बहू की हत्या की सूचना मिली थी. कॉल करने वाले ने पुलिस को बताया था कि मृतक दोनों महिलाएं उसकी मां डॉली राय और दादी है.
कॉल करने वाले शशांक ने बताया कि घर में वो, उसका छोटा भाई सार्थक, मां और दादी साथ रहते थे. इनके पिता की दो साल पहले मौत हो चुकी थी. चांदनी चौक में इनकी दुकान है.
12 अगस्त को दोनों भाई दोस्तों के साथ हरिद्वार और मसूरी घूमने निकले थे. 16 अगस्त की सुबह जब दोनों घर आए तो कई बार घंटी बजाने पर भी दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने दूसरी चाभी से घर खोल लिया. जब वो अंदर गए तो उन्हें मां और दादी की खून से लथपथ लाश मिली और पूरे घर में सामान फैला हुआ था.
इसके बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की. पुलिस ने जब शशांक से पूछा तो उसने बताया कि दुकान और घर की जिम्मेदारी उसने अपने दोस्त हर्षित को दी थी. जांच में सामने आया कि डॉली राय 14 अगस्त से ही किसी को नज़र नहीं आई थी.
13 अगस्त को वो आखिरी बार हर्षित के साथ नज़र आई थी जब वो मंदिर जा रही थी. जब पुलिस ने हर्षित से पूछताछ की तो वो बार बार अपने बयान बदल रहा था. इस वजह से पुलिस को उस पर शक हुआ.

न्यूजरूम में बात होगी तेल-गैस युद्ध बने ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध की. बताएंगे कि कैसे भड़का तेल-गैस युद्ध. इजरायल के हमले का जवाब ईरान ने कैसे दिया. ये भी बात होगी कि क्या ट्रंप का ऑपरेशन एपिक फ्यूरी फेल हो गया? क्या ईरान को निहत्था करने के लिए शुरू हुई जंग अब तेल-गैस युद्ध के साथ तीसरा विश्व युद्ध की तरफ बढ़ चला है.

देश के 3 शहरों से ऐसी खबरें आईं जिसने दिल दहला दिया. आग लगने के कारण दिल्ली, चंडीगढ़ और इंदौर में भयानक हादसे हुए. भीषण आग की चपेट में पूरा का पूरा परिवार आ गया. दिल्ली में 9 लोगों की मौत हुई तो इंदौर में भी 8 लोगों को जान गंवानी पड़ी. चंडीगढ़ में लगी आग भयावह जरूर है, लेकिन गनीमत रही कि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई.

अमेरिका-इजरायल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत अब भी जारी है. गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें हैं. गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है. होटल-रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक खत्म होने से बिजनेस ठप होने लगे हैं. कई जगह ताले भी लटकने लगे हैं. त्योहारी सीजन में घरों में भी इसका असर दिख रहा है.

पश्चिम बंगाल की सत्ता की कुर्सी का रास्ता अल्पसंख्यकों मोहल्लों से होकर गुजरता है. और ममता बनर्जी ने इस बात को न सिर्फ समझा है, बल्कि पिछले 15 सालों में इसी से अपनी सत्ता के किले को चुनाव दर चुनाव मजबूत बनाया है. आज जब 2026 के विधानसभा चुनाव करीब हैं, तो ममता का मुस्लिम वोट बैंक पर कब्जा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत नजर आता है.









